क्या कोई नाबालिग बच्चा पुलिस में FIR दर्ज करवा सकता है


सवाल

क्या कानून के अनुसार एक नाबालिग बच्चा पुलिस में FIR दर्ज करवा सकता है और यदि हाँ, तो इसकी पूरी कानूनी प्रक्रिया क्या होती है?

उत्तर (4)


212 votes

हाँ, एक नाबालिग (Minor) निश्चित रूप से पुलिस थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करा सकता है। भारतीय कानून में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है कि शिकायतकर्ता की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह बच्चा ही क्यों न हो, यदि वह किसी अपराध का शिकार हुआ है या उसने कोई अपराध होते देखा है, तो वह पुलिस को इसकी जानकारी दे सकता है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के अनुसार, पुलिस का यह कर्तव्य है कि वह किसी भी संज्ञेय अपराध (Cognizable Offense) की सूचना मिलने पर मामला दर्ज करे। यदि नाबालिग अपनी शिकायत लिखवाने में सक्षम नहीं है, तो पुलिस अधिकारी उसकी मौखिक बात को सुनकर उसे लिखित रूप में दर्ज करेगा।

प्रक्रिया के दौरान, पुलिस को यह ध्यान रखना होता है कि बच्चे के साथ संवेदनशीलता से पेश आया जाए। विशेष रूप से यदि मामला बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों (POCSO) से संबंधित है, तो पुलिस को बच्चे के बयान उसके घर पर या उसकी पसंद की जगह पर दर्ज करने चाहिए। इस दौरान बच्चे के माता-पिता या कोई भरोसेमंद व्यक्ति साथ रह सकता है।

एक बार शिकायत दर्ज होने के बाद, पुलिस मामले की जांच शुरू करती है। यदि नाबालिग को किसी कानूनी सहायता की जरूरत है, तो उसे कानूनी सेवा प्राधिकरण (Legal Services Authority) के माध्यम से मुफ्त वकील भी उपलब्ध कराया जा सकता है।

113 votes

हाँ कोई भी निकाय प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर सकता है कानून बहुत स्पष्ट है कोई भी निकाय अपराध के संबंध में पुलिस को सूचित कर सकता है इसलिए नाबालिग पुलिस को सूचना देने का हकदार है आगे आप इस विषय में कानूनी विवाद के संबंध में मुझसे संपर्क कर सकते हैं

151 votes

हां नाबालिग अभिभावक के माध्यम से प्राथमिकी दर्ज करा सकता है। . . . . . . . .

116 votes

अवयस्क या तो पीड़ित होगा या गवाह लेकिन उसकी ओर से उसका/उसकी अभिभावक शिकायतकर्ता हो सकता है...। .....


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