सीबीआई केस में धारा 420 और 120बी के तहत जमानत कैसे मिलती है


सवाल

मेरे खिलाफ सीबीआई ने आईपीसी की धारा 420, 120बी, 468 और 471 के तहत केस दर्ज किया है जो कि एक आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी का मामला है। मैं जानना चाहता हूं कि इन गंभीर धाराओं में जमानत मिलने की क्या संभावना है और कानून में इसके लिए कितनी सजा का प्रावधान है?

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सीबीआई (CBI) के मामलों में जमानत मिलना सामान्य पुलिस केस की तुलना में थोड़ा कठिन होता है, खासकर जब धारा 420 (धोखाधड़ी) और 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) जैसी धाराएं लगी हों। ये सभी धाराएं 'गैर-जमानती' (Non-bailable) और 'संज्ञेय' (Cognizable) अपराध की श्रेणी में आती हैं। इसका मतलब है कि आपको थाने से जमानत नहीं मिलेगी, जमानत देने का फैसला केवल कोर्ट (मजिस्ट्रेट या स्पेशल सीबीआई जज) ही कर सकता है।

सजा की बात करें तो, धारा 420 (अब भारतीय न्याय संहिता - BNS की धारा 318) और 468 (अब BNS की धारा 336) में अधिकतम 7 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। धारा 120बी (अब BNS की धारा 61) 'आपराधिक साजिश' (Criminal Conspiracy) है, जिसमें सजा मुख्य अपराध के बराबर ही होती है।

चूंकि यह सीबीआई का केस है, आपको सबसे पहले 'विशेष सीबीआई न्यायालय' (Special CBI Court) में जमानत अर्जी लगानी होगी। सीबीआई अक्सर यह तर्क देती है कि आरोपी प्रभावशाली है और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है, इसलिए जमानत न दी जाए।

जमानत पाने के लिए आपके वकील को कोर्ट में यह साबित करना होगा कि:

  1. जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल हो गई है, इसलिए हिरासत की जरूरत नहीं है।

  2. मामला केवल दस्तावेजों पर आधारित है, इसलिए सबूत मिटाने का डर नहीं है।

  3. आप जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

अगर विशेष सीबीआई कोर्ट जमानत खारिज कर देता है, तो आपके पास उच्च न्यायालय (High Court) और अंत में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) जाने का विकल्प खुला रहता है। आर्थिक अपराधों में सुप्रीम कोर्ट का हालिया रुख है कि अगर जांच पूरी हो गई है, तो अनिश्चित काल तक जेल में रखना सही नहीं है, इसलिए जमानत मिल सकती है।

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धारा 420 और 468 गैर-जमानती हैं लेकिन किसी को 120 बी और 471 के तहत जमानत मिल सकती है। धारा 420 और 468 में अधिकतम सजा कुल मिलाकर 7 साल से 10 साल है जुर्माने के साथ है। ये अपराध प्रकृति में गंभीर हैं और जमानत देना मामले के तथ्यों और अदालत के विवेक पर निर्भर करता है।


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