ऑनलाइन लकी ड्रा का कानूनी रूप से कैसे रजिस्ट्रेशन करें
सवाल
उत्तर (2)
भारत में 'लकी ड्रा' या लॉटरी (Lottery) को लेकर कानून बहुत सख्त हैं। 'लॉटरीज़ (विनियमन) अधिनियम, 1998' के अनुसार, निजी व्यक्तियों या कंपनियों को लॉटरी चलाने की अनुमति नहीं है। केवल राज्य सरकारें ही लॉटरी आयोजित कर सकती हैं।
हालांकि, आप जिस चीज की बात कर रहे हैं, वह शायद 'लॉटरी' न होकर 'बिक्री प्रोत्साहन योजना' (Sales Promotion Scheme) है। कानूनी रूप से, आपकी योजना दो तरह की हो सकती है, जिसके लिए अलग-अलग नियम लागू होते हैं:
-
बिक्री प्रोत्साहन योजना (Sales Promotion Scheme): अगर आप यह योजना अपने मौजूदा ग्राहकों के बीच अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए मुफ्त में चला रहे हैं (जैसे, ग्राहक ने आपका सामान खरीदा और उसे एक मुफ्त स्क्रैच कार्ड मिला), और इसके लिए कोई सीधा शुल्क नहीं लिया जा रहा है, तो यह 'लॉटरी' के दायरे में नहीं आती है। इसे एक सामान्य व्यापारिक गतिविधि माना जाता है।
-
पंजीकरण: इसके लिए किसी विशेष 'लकी ड्रा प्राधिकरण' की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आपको अपने व्यापार के कानूनी नाम (जैसे साझेदारी फर्म) के तहत इसे विज्ञापित करना होगा।
-
गुजरात में: चूंकि यह आपकी फर्म की बिक्री का हिस्सा है, यह योजना गुजरात सरकार के किसी प्राधिकरण के साथ अलग से पंजीकृत नहीं होगी, बल्कि आपकी फर्म को फर्मों के रजिस्ट्रार (Registrar of Firms) के साथ पंजीकृत होना चाहिए।
-
-
चिट फंड या मनी सर्कुलेशन स्कीम (Illegal Chit Fund): अगर आप सीधे लोगों से पैसा इकट्ठा करके, या टिकट बेचकर, 'भाग्य' के आधार पर पैसे या वस्तु का वितरण करते हैं, तो यह 'चिट फंड अधिनियम, 1982' या 'इनाम चिट और धन परिचालन योजना (प्रतिबंध) अधिनियम, 1978' के तहत आता है, जो अक्सर अवैध होता है।
-
सावधानी: साझेदारी फर्म के नाम पर कोई भी ऐसी योजना चलाना जो चिट फंड या गैर-कानूनी लॉटरी की तरह दिखती हो, आपको आपराधिक कार्रवाई में फंसा सकता है।
-
अगर यह केवल बिक्री बढ़ाने की योजना है (जैसे डिस्काउंट या मुफ्त वाउचर), तो आप इसे पार्टनरशिप फर्म के नाम पर चला सकते हैं। लेकिन अगर इसमें पैसे का निवेश शामिल है, तो आपको तुरंत किसी कानूनी सलाहकार से संपर्क करना चाहिए ताकि आप लॉटरी कानूनों का उल्लंघन न करें।
आप भारत में अपने व्यवसाय के अपने ग्राहकों के बीच मुफ्त में लकी ड्रा योजना शुरू कर सकते हैं। निजी एजेंसियों को लॉटरी की अनुमति नहीं है। ड्रा के लिए सीधे योगदान के बिना भाग्यशाली ड्रा लॉटरी अधिनियम के तहत नहीं आता है। इसे बिक्री संवर्धन योजना के रूप में माना जाता है। यहां तक कि गैर बैंकिंग कंपनियों के रूप में पंजीकृत कंपनियां भी लॉटरी नहीं चला सकती हैं.आपके द्वारा कल्पना की गई व्यवसाय मॉडल को कानूनी तौर पर एक CHIT FUND के रूप में तैयार किया जा सकता है, जिसे फर्मों के रजिस्ट्रार और चिट फंड के साथ पंजीकृत होना आवश्यक है, जो सब एनजीओ को पंजीकृत करते हैं.
अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में सिविल वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।
सिविल कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- नमस्कार, दिवाणी दाव्यामध्ये प्रतिवादीचा सध्याचा पोस्टल पत्ता मिळत नसल्यामुळे कोर्टाची नोटीस/समन्स बजावण्यात अडचण येत आहे. कृपया प्रतिवादीचा पत्ता कायदेशीर मार्गाने शोधण्यासाठी आणि नोटीस/समन्स बजावण्यासाठी योग्य ती कायदेशीर प्रक्रिया करता येईल का, याबाबत मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद.
- Namaste sir mera jo case Hai 2015 ka hai yah case close ho gaya hai aur yah jhutha case ka chakkar mein Hai ismein se naam hatwana hai kyunki mujhe clearance certificate banvane mein problem aati Hai application rejected ho jati h
- Sir ji Mera case act ka hai jismein mera bhai fasaya gaya hai usko Saja ho gai hai 25 sal ki usmein criminal appeal karni hai ki jankari chahie Thi iske liye help chahie Thi aapki main bahut Garib aadami hun mujhe aapki help chahie
- मेरा नाम सुरेंद्र कुमार हैं और मेरे पिता जी का नाम श्री नब्बू आदिवासी हैं मेने 3 महीने एक कंपनी में लेवर सप्लाई का काम किया अभी 2 महीने होने जा रहे है ठेकेदार और कंपनी ने पेमेंट नहीं किया है में 2 महीने से बहुत ज्यादा परेशान हु