मेरे पिता पिता यानी मेरे दादाजी नाम सं


सवाल

मेरे पिता के पिता यानी की मेरे दादाजी के नाम संपत्ति पूर्व से चली आ रही थी परंतु सन 1986 में मेरे पिता ने अपने पिता की बिना जानकारी में फर्जी तरीके से फसली वर्ष बदलने के दौरान खतौनी में अपने नाम एक गाटा दर्ज करवा लिया। उसके बाद मेरे दादाजी ने सन 1995 में अपनी समस्त चल वा अचल संपत्ति का एकमेव वारिश वा रजिस्टर्ड वसीयतनामा अपने नातीगण यानी की मुझे बना दिया, चूकी मुझे इस बात का पता नही था की एक गाटा पहले ही मेरे पिता ने अपने नाम करवा लिया जिससे वह गाटा छूठ गया और उसकी दाखिल खारिज नही हुई। क्या अब वह संभव है की मैं वह फर्जी तरीके से मिली जमीन को वसीयतनामे के आधार पे करवा लू अपने नाम। यह किस न्यायालय और धारा से मुकदमा होगा ?

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सबसे पहले तो जो आपके पिताजी ने अपने नाम गट्टा करवाया वह आज तक उन्हीं के नाम पर चढ़ा हुआ है यदि आज भी वह घटा आपके पिताजी के नाम पर चढ़ा हुआ है और ना आपके दादा जी ने अपने स्वर्गवास से पहले उस गट्टे पर अपना नाम नहीं करवाया था तो आप वह गट्टा आपके पिताजी की ही संपत्ति है जो आपके दादा जी ने आपको वसीयत से दी है मैं आपकी संपत्ति है और जो आपके पिताजी के नाम पर गट्टा है से उनकी संपत्ति है जो आपको आपके पिताजी के बाद मिल जाएगी


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