मेरी मां पिताजी दूसरी पत्नी हैंमैं मा


सवाल

मेरी मां पिताजी दूसरी पत्नी हैं,मैं और मां 35 सालसे मामा के गांव में रह रहे हैं,हमने सिविल कोर्ट में 2004 को विभाजन के लिए मुकदमा दायर किया था लेकिन पिता ने निशानी 45 दायर की कि और क्या हमें मुकदमा करने का अधिकार है, फिर कोर्ट ने फैसला सुनाया कि उनको केस चलाने का अधिकार है, फिर पिता ने उस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की, फिर बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जबतक पिता जीवित हैं,तब तक हमारा जमीन पर कोई अधिकार नहीं है,पिता की मृत्यु के बाद जमीन हमें वारिस के अधिकार से मिलेगी,अब पुरी जमीन पिताजीने उपहार विलेख बनाकर सौतेली माँ,भाई और बहेन नाम कर दि. तो पिताजी के मृत्यू के बाद वारीस अधिकार से हमे जमीन मिलेगी.

उत्तर (2)


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यदि आपके पिताजी की प्रॉपर्टी सेल्स रिक्वायर्ड प्रॉपर्टी है उन्होंने अपनी मर्जी से अपनी प्रॉपर्टी अपनी पत्नी और बच्चों के नाम कर दिए आप उसमें पिता की मृत्यु के बाद भी क्लेम नहीं कर सकते क्योंकि वह आपके पिताजी की सेल्फ एक्वायर्ड प्रॉपर्टी है पैरेंटल नहीं आपके पिताजी चाहे जिसको अपनी जीते जी वह प्रॉपर्टी ट्रांसफर कर सकते हैं यदि वह अपनी प्रॉपर्टी किसी के नाम ट्रांसफर नहीं करते और बिना बिल या वसीयत या ट्रांसफर की है उनकी डेथ हो जाती है तो आप उसे प्रॉपर्टी में क्लेम कर सकते हैं वरना नहीं


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