पिता की मृत्यु के बाद उनकी सरकारी नौकरी पर कैसे लग सकते हैं
सवाल

उत्तर (2)
पिता की मृत्यु के बाद आप उनके सरकारी नौकरी के लिए अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। यह एक नीति है जिसका उद्देश्य मृतक कर्मचारी के परिवार को तत्काल राहत देना है। आवेदन करने के लिए, आपको कुछ शर्तों और प्रक्रियाओं का पालन करना होगा, जैसे कि मृत्यु के एक निश्चित समय सीमा के भीतर आवेदन करना, पारिवारिक वित्तीय आवश्यकता का प्रमाण देना और आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा करना।
सरकार की इस योजना का उद्देश्य यह है कि एक सरकारी कर्मचारी के परिवार के सदस्यों को दयालु भाग के आधार पर जिस व्यक्ति पर परिवार आश्रित है उसे य नौकरी प्रमाणित की जाए परंतु एक सरकारी कर्मचारी को मेडिकल ग्राउंड पर रिटायर होना चाहिए और उनके परिवार के पास कोई और तरीका ना हो आमदनी का इसलिए सरकार उन्हें इस आपातकालीन स्थिति से बाहर निकलने के लिए यह नौकरी प्रमाणित कर देती है
A) किस-किस पर यह लागू हो सकता है :
1) परिवार का कोई आश्रित सदस्य
2) सरकारी कर्मचारी जो मृत्यु के समय नौकरी पर लगा हुआ था इसके अंतर्गत आत्महत्या भी शामिल है यह रिटायरमेंट मेडिकल ग्राउंड के अंतर्गत रूल 2 सीसीएस रूस के तहत 1957 या उसके उसी तरह सेंट्रल सिविल सर्विस रेगुलेशन जोकि 55 साल तक रहता है या 57 साल ग्रुप डी सरकारी कर्मचारियों के लिए
3) रिटायरमेंट मेडिकल ग्राउंड्स के तहत रूल 38 जो कि सीसीएस पेंशन रूल्स के अंतर्गत आता है या उसी की तरह सेंट्रल सिविल रेगुलेशंस जो कि 55 साल की उम्र प्राप्त होने से पहले या ग्रुप डी सरकारी कर्मचारियों के लिए 57 साल तक प्राप्त होता है
B) आर्म्ड फोर्सज का मेंबर :
1) जिसकी सर्विस के समय मृत्यु हो जाए
2) जो सर्विस के समय मार दिया गया हो 3) मेडिकली प्रमाणित किया गया होगी वे अयोग्य है
4)
ध्यान दें कि मैं आश्रित सदस्य का मतलब है
1) पति या पत्नी
2) बेटा जिसमें बेटा जिसमें गोद ली हुई बेटी भी शामिल है
3) बेटी जिसमें गोद ली हुई बेटी भी शामिल है
4) भाई या बहन जो शादीशुदा ना हो अगर वह सरकारी कर्मचारी शादीशुदा नहीं था
5) आर्म्ड फोर्स का सदस्य जिसका ए या बी वर्ग में उल्लेख किया गया हो
जो भी पूरी तरह से सरकारी कर्मचारी यहां सदस्य पर पर आम फॉसिल्स के समय की मृत्यु हुई हो या रिटायरमेंट के समय मेडिकल ग्राउंड के तहत हो
ध्यान दें गवर्मेंट कर्मचारी निर्देशों का उद्देश्य नियमित रूप से नियुक्त सरकारी कर्मचारी और दैनिक मजदूर य आम लोग ग्राम रोजगार इस आधार पर काम करने वाले नहीं है
ध्यान दें पुष्टि कार्य विभाग भी इसके अंतर्गत सरकारी कर्मचारी तीसरे वर्ग में ऊपर
इनका उल्लेख किया गया है
ध्यान दें सर्वेश के अंतर्गत विस्तार रूप से सर्विस प्राप्त हो सकती है पर फिर से रोजगार मिलना नहीं दिया गया है पद के लिए है और आम रिटायरमेंट की उम्र प्राप्त होने के बाद मिलता है
ध्यान दें कि फिर से रोजगार मिलना ध्यान दें कि फिर से रोजगार मिलने के तहत यह नहीं आता है कि पुराना कर्मचारी आम उम्र से पहले रिटायरमेंट ले सिविल पोस्ट में
3) सरकारी समिति बनाने के लिए प्राधिकारी प्रतिस्पर्धा
ज्वाइंट सेक्रेट्री जो शासन प्रबंध करता हो मिनिस्टर डिपार्टमेंट में
डिपार्टमेंट के अंतर्गत जो मुख्य हो यह सप्लीमेंट्री रोल 210 के तहत जुड़ा हुआ है और उपनिवेश कार्यालय में भी जुड़ा हुआ है
इस तरह के नियुक्तियों को पोस्ट किया जा सकता है
ग्रुप सी आई डी डायरेक्ट रिक्रूटमेंट कोटा के विरुद्ध है
पात्रता: जो परिवार गरीब है और तत्काल सहायता का हकदार है 2) दयालु नियुक्ति के लिए अवधेश योग्य और सभी मामलों में पद के लिए उपयुक्त होना चाहिए
3) प्रासंगिक भर्ती नियमों के प्रावधानों के तहत
6) A) छूट
1) दयालु नियुक्तियां निम्नलिखित आवश्यकताओं के पालन से मुक्त हैं :
भारतीय प्रक्रिया यानी कर्मचारी चयन आयोग का रोजगार विनय में एजेंसी के एजेंसी के बिना
2) ई का मतलब क्या हुआकार्मिक और प्रशिक्षण विभाग / रोजगार और प्रशिक्षण महानिदेशालय के अधिशेष कक्ष से निकासी मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस तिलक नगर मॉम 3) वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) द्वारा जारी पदों को भरने पर प्रतिबंध आदेश
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
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- मेरे पिताजी पाँच भाई थे। उनमें से एक बड़े चाचा की कोई संतान नहीं थी। परिवार में सभी भाइयों के बीच संपत्ति का बँटवारा हो चुका था। वर्ष 2006 में मेरे चाचा का निधन हो गया। अपने निधन से पहले उन्होंने अपनी संपत्ति और अपनी पत्नी, यानी मेरी बड़ी चाची की जिम्मेदारी मेरे पिताजी को सौंप दी थी। चाचा के निधन के बाद मेरी चाची ने अपनी पूरी जमीन मेरी माँ के नाम कर दी थी, लेकिन मकान अपने नाम पर ही रखा था। उन्होंने कोर्ट के माध्यम से एक वसीयत भी बनवाई थी, जिसमें लिखा था कि उनकी मृत्यु के बाद यह मकान मेरे पिताजी का हो जाएगा। लेकिन मेरे पिताजी का निधन वर्ष 2012 में ही हो गया, जबकि मेरी चाची का निधन वर्ष 2021 में हुआ। पिताजी के निधन के बाद मैंने अपनी माँ और चाची, दोनों को अपने पास रखा और लगभग 10–12 वर्षों तक शहर में किराए के मकान में उनके रहने, खाने-पीने, इलाज और अन्य सभी जरूरतों का ध्यान रखा। मैंने और मेरी पत्नी ने मिलकर चाची की पूरी सेवा की। हमारा पैतृक मकान हमारे गाँव में है। फिलहाल उस मकान में हम रहते हैं और बिजली का बिल भी मेरी माँ के नाम पर आता है। मेरी माँ अभी जीवित हैं। हम तीन भाई हैं और मैं स
- नमस्कार, दिवाणी दाव्यामध्ये प्रतिवादीचा सध्याचा पोस्टल पत्ता मिळत नसल्यामुळे कोर्टाची नोटीस/समन्स बजावण्यात अडचण येत आहे. कृपया प्रतिवादीचा पत्ता कायदेशीर मार्गाने शोधण्यासाठी आणि नोटीस/समन्स बजावण्यासाठी योग्य ती कायदेशीर प्रक्रिया करता येईल का, याबाबत मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद.
- Namaste sir mera jo case Hai 2015 ka hai yah case close ho gaya hai aur yah jhutha case ka chakkar mein Hai ismein se naam hatwana hai kyunki mujhe clearance certificate banvane mein problem aati Hai application rejected ho jati h
- Sir ji Mera case act ka hai jismein mera bhai fasaya gaya hai usko Saja ho gai hai 25 sal ki usmein criminal appeal karni hai ki jankari chahie Thi iske liye help chahie Thi aapki main bahut Garib aadami hun mujhe aapki help chahie