क्या फीस लम्बित होने के कारण कॉलेज परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दे सकता है
सवाल
मेरे कॉलेज की कुल फीस में से मैंने 60,000 रुपये जमा कर दिए हैं और अब केवल 15,000 रुपये बाकी हैं। कॉलेज प्रशासन बकाया फीस और 3,000 रुपये लेट फीस न भरने के कारण मेरा परीक्षा फॉर्म रोक रहा है। मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या कॉलेज के पास ऐसा करने का कानूनी अधिकार है? क्या भारत में कोई ऐसा कानून है जो छात्र को फीस की वजह से परीक्षा से वंचित करने से रोकता हो?
उत्तर (3)
सामान्य तौर पर, कॉलेज और छात्र के बीच का संबंध एक अनुबंध (Contract) की तरह होता है, जहाँ छात्र को सुविधाएं और परीक्षा में बैठने का अधिकार तभी मिलता है जब वह तय फीस का भुगतान कर देता है। भारत में ऐसा कोई सीधा कानून नहीं है जो यह कहता हो कि फीस जमा किए बिना भी कॉलेज आपको परीक्षा में बैठने देने के लिए बाध्य है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने कई बार मानवीय आधार पर छात्रों के पक्ष में फैसले दिए हैं।
अदालतों का यह मानना रहा है कि किसी भी छात्र का एक साल केवल इसलिए बर्बाद नहीं होना चाहिए क्योंकि वह समय पर फीस नहीं भर पाया। यदि आपने अपनी फीस का एक बड़ा हिस्सा (जैसे आपके मामले में 60,000 रुपये) जमा कर दिया है, तो कॉलेज को केवल छोटी राशि के लिए आपका परीक्षा फॉर्म नहीं रोकना चाहिए। हालांकि, इसके लिए कॉलेज को मजबूर करने का अधिकार केवल न्यायालय के पास है।
आप सबसे पहले कॉलेज के प्रिंसिपल (Principal) या प्रबंधन को एक लिखित प्रार्थना पत्र दें। इसमें अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बकाया 15,000 रुपये जमा करने के लिए कुछ समय (Grace Period) की मांग करें। यदि कॉलेज नहीं मानता है, तो आप अपने क्षेत्र के विश्वविद्यालय (University) या शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं।
कानूनी विकल्प के रूप में, आप एक वकील के माध्यम से अदालत में एक याचिका दायर कर सकते हैं। कोर्ट से आप 'अंतरिम राहत' (Interim Relief) की मांग कर सकते हैं ताकि आपको परीक्षा में बैठने की अनुमति मिल सके, इस शर्त पर कि आप बकाया राशि बाद में जमा कर देंगे। भारतीय न्याय संहिता (BNS) में सीधे तौर पर इसका प्रावधान नहीं है, लेकिन शिक्षा के अधिकार और प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के सिद्धांतों के तहत अदालतें अक्सर छात्रों को राहत देती हैं।
लेट फीस के संबंध में आप कॉलेज के नियमों की जांच करें। यदि लेट फीस बहुत ज्यादा या मनमानी है, तो उसे भी चुनौती दी जा सकती है। बेहतर होगा कि आप जल्द से जल्द कॉलेज प्रशासन से बात करके लिखित आश्वासन देने का प्रयास करें ताकि आपका शैक्षणिक वर्ष खराब न हो।
प्रिय, फीस नहीं लेने के लिए कॉलेज को रोकने या फीस के रूप में आवश्यक राशि का भुगतान किए बिना आपको उपस्थित होने की अनुमति देने के लिए कोई कानून नहीं है। हालांकि, आप प्रिंसिपल या संबंधित प्राधिकरण के समक्ष भुगतान न करने के कारण का विवरण देते हुए प्रतिनिधित्व दर्ज कर सकते हैं और यदि वे किसी पत्र/उत्तर के माध्यम से जवाब देते हैं तो आप सक्षम अदालत से जमा करने के लिए कुछ समय मांग सकते हैं और कॉलेज के खिलाफ निर्देश के लिए अनुमति दे सकते हैं। परीक्षा में उपस्थित हों।
सर अगर कॉलेज वाले देय शुल्क की वजह से परीक्षा फॉर्म रोक सकते हैं क्या इसके कोई कानून नहीं है क्या कृपया बताएं कोई कानून हो तो मेने 60000 फीस दे दी बीएस 15000 बाकी उससे 3000 से लेट फीस ले रहे हैं कॉलेज वाले कृपया मेरी मदद करें राय: आगर कॉलेज सहमत और निर्धारित फीस के अलावा अतिरिक्त फीस ले रहा है तो गलत है। प्राइवेट कॉलेज है या सरकार? गवर्नमेंट एक फीस रेग्युलेटरी कमेटी बनी है, उसमें शिकायत होती है और वहीं से रोक लग सकती है। सादर राघवेंद्र सिंह रघुवंशी अधिवक्ता-उच्च न्यायालय मप्र-इंदौर
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