कोर्ट मैरिज करने के लिए लड़का लड़की की क्या उम्र होनी चाहिए
सवाल
उत्तर (2)
नहीं, वर्तमान में आप कानूनी रूप से कोर्ट मैरिज (Court Marriage) नहीं कर सकते। भारतीय कानून के अनुसार, विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम उम्र २१ वर्ष और लड़की की न्यूनतम उम्र १८ वर्ष होना अनिवार्य है। भले ही आपकी साथी की उम्र २१ वर्ष है और वह शादी के लिए योग्य है, लेकिन आपकी उम्र अभी केवल १९ साल है, जो कि कानूनी सीमा से २ साल कम है।
भारत में अलग-अलग जातियों के बीच विवाह करना पूरी तरह से वैध है और कानून अंतरजातीय विवाह (Inter-caste Marriage) को सुरक्षा प्रदान करता है। विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act) के तहत किसी भी धर्म या जाति के लोग शादी कर सकते हैं, लेकिन उम्र की शर्त को पूरा करना सबसे पहली और जरूरी सीढ़ी है। यदि आप अभी शादी करते हैं, तो उसे बाल विवाह (Child Marriage) की श्रेणी में रखा जा सकता है, जो कानूनी रूप से अमान्य होगा और इसमें शामिल लोगों को सजा भी हो सकती है।
चूंकि आप दोनों बालिग (Adult) हैं, इसलिए आप अपनी मर्जी से साथ रहने या अपनी पसंद चुनने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन कानूनी रूप से "पति-पत्नी" का दर्जा पाने के लिए आपको अपनी उम्र २१ साल होने तक का इंतजार करना होगा। एक बार जब आप २१ वर्ष के हो जाएंगे, तब आप बिना किसी रुकावट के कोर्ट में शादी के लिए आवेदन कर पाएंगे।
मेरी सलाह है कि आप जल्दबाजी में कोई ऐसा कदम न उठाएं जिससे आप किसी कानूनी मुश्किल में फंस जाएं। २ साल बीतने के बाद आप पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ अपनी शादी को पंजीकृत (Register) करवा सकते हैं।
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- मेरे पिताजी पाँच भाई थे। उनमें से एक बड़े चाचा की कोई संतान नहीं थी। परिवार में सभी भाइयों के बीच संपत्ति का बँटवारा हो चुका था। वर्ष 2006 में मेरे चाचा का निधन हो गया। अपने निधन से पहले उन्होंने अपनी संपत्ति और अपनी पत्नी, यानी मेरी बड़ी चाची की जिम्मेदारी मेरे पिताजी को सौंप दी थी। चाचा के निधन के बाद मेरी चाची ने अपनी पूरी जमीन मेरी माँ के नाम कर दी थी, लेकिन मकान अपने नाम पर ही रखा था। उन्होंने कोर्ट के माध्यम से एक वसीयत भी बनवाई थी, जिसमें लिखा था कि उनकी मृत्यु के बाद यह मकान मेरे पिताजी का हो जाएगा। लेकिन मेरे पिताजी का निधन वर्ष 2012 में ही हो गया, जबकि मेरी चाची का निधन वर्ष 2021 में हुआ। पिताजी के निधन के बाद मैंने अपनी माँ और चाची, दोनों को अपने पास रखा और लगभग 10–12 वर्षों तक शहर में किराए के मकान में उनके रहने, खाने-पीने, इलाज और अन्य सभी जरूरतों का ध्यान रखा। मैंने और मेरी पत्नी ने मिलकर चाची की पूरी सेवा की। हमारा पैतृक मकान हमारे गाँव में है। फिलहाल उस मकान में हम रहते हैं और बिजली का बिल भी मेरी माँ के नाम पर आता है। मेरी माँ अभी जीवित हैं। हम तीन भाई हैं और मैं स
- नमस्कार, दिवाणी दाव्यामध्ये प्रतिवादीचा सध्याचा पोस्टल पत्ता मिळत नसल्यामुळे कोर्टाची नोटीस/समन्स बजावण्यात अडचण येत आहे. कृपया प्रतिवादीचा पत्ता कायदेशीर मार्गाने शोधण्यासाठी आणि नोटीस/समन्स बजावण्यासाठी योग्य ती कायदेशीर प्रक्रिया करता येईल का, याबाबत मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद.
- Namaste sir mera jo case Hai 2015 ka hai yah case close ho gaya hai aur yah jhutha case ka chakkar mein Hai ismein se naam hatwana hai kyunki mujhe clearance certificate banvane mein problem aati Hai application rejected ho jati h
- Sir ji Mera case act ka hai jismein mera bhai fasaya gaya hai usko Saja ho gai hai 25 sal ki usmein criminal appeal karni hai ki jankari chahie Thi iske liye help chahie Thi aapki main bahut Garib aadami hun mujhe aapki help chahie