क्या चिट फंड घोटाले में कंपनी के एजेंट पर एफआईआर और कानूनी कार्रवाई हो सकती है


सवाल

मैं एक चिट फंड कंपनी में एजेंट के तौर पर काम कर रहा था। अब खबर आ रही है कि कंपनी ने घोटाला (Scam) किया है। मैं यह जानना चाहता हूँ कि क्या इस घोटाले के लिए एक एजेंट को भी दोषी ठहराया जा सकता है और क्या उसके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज हो सकती है? इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख है और एक एजेंट खुद को कानूनी मुश्किलों से बचाने के लिए क्या उपाय कर सकता है?

उत्तर (2)


130 votes

हाँ, यदि कोई चिट फंड कंपनी घोटाला करती है, तो पुलिस आमतौर पर कंपनी के मालिकों के साथ-साथ उन एजेंटों के खिलाफ भी प्राथमिकी (First Information Report) दर्ज करती है जिन्होंने लोगों से पैसा जमा करवाया था। हालांकि, कानून यह मानता है कि एजेंट केवल एक कर्मचारी या मध्यस्थ है, लेकिन यदि निवेशकों को धोखा देने में एजेंट की मिलीभगत पाई जाती है, तो उसे भी सह-आरोपी बनाया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में यह स्पष्ट किया है कि यदि एजेंट को कंपनी के असली इरादों या घोटाले की जानकारी नहीं थी और उसने खुद भी कंपनी के नियमों पर भरोसा करके काम किया है, तो उसे मुख्य साजिशकर्ता नहीं माना जा सकता। भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 316 (अपराधिक विश्वासघात) और धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज होने पर एजेंट को यह साबित करना होता है कि उसने 'नेक नियत' (Good Faith) के साथ काम किया था।

बचाव के लिए सबसे पहला कदम यह है कि यदि आपके खिलाफ गलत तरीके से एफआईआर दर्ज की गई है, तो आप उच्च न्यायालय (High Court) में धारा 482 बीएनएसएस के तहत याचिका दायर कर सकते हैं। इसके जरिए आप उस एफआईआर को रद्द (Quash) करने की मांग कर सकते हैं, यदि आपके पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि आप खुद भी कंपनी की धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।

एजेंट को अपने बचाव के लिए वे सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने चाहिए जो यह दिखाते हों कि पैसा सीधे कंपनी के खाते में जमा किया गया था और एजेंट को केवल उसका कमीशन मिला था। इसके अलावा, यदि आपने खुद या आपके परिवार ने भी उस कंपनी में निवेश किया था, तो उसके दस्तावेज आपके पक्ष को और मजबूत करते हैं कि आपको घोटाले की जानकारी नहीं थी।

आपको सलाह दी जाती है कि आप तुरंत एक वकील से मिलें और अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन करने पर विचार करें, ताकि जांच के दौरान आपकी गिरफ्तारी न हो सके।

163 votes

हेलो सर एजेंट को हाईकोर्ट ही बता सकता है सुप्रीम कोर्ट का कोई एजेंट नहीं बचा सकता और 482 की पीटी सन फाइल करनी पड़ेगी अधिक जानकारी के लिए आप मुझसे तुरंत संपर्क कीजिए और सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट भी आपको चाहिए तो जजमेंट भी हम अवेलेबल करवा देंगे


अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में सिविल वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।


भारत के अनुभवी सिविल वकीलों से सलाह पाए


सिविल कानून से संबंधित अन्य प्रश्न