ओबीसी से सामान्य में शादी के बाद जाति परिवर्तन पर स्पष्टीकरण
सवाल
उत्तर (4)
शादी के बाद भी आपकी जाति नहीं बदलती है और आप ओबीसी श्रेणी (OBC Category) का लाभ उठाना जारी रख सकती हैं। कानून के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की जाति उसके जन्म (Birth) से निर्धारित होती है, न कि विवाह से। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के मुताबिक, यदि आपका जन्म ओबीसी परिवार में हुआ है, तो सामान्य वर्ग के व्यक्ति से विवाह करने के बाद भी आपकी श्रेणी अन्य पिछड़ा वर्ग ही रहेगी।
आपके जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) में हमेशा आपके पिता का ही नाम रहेगा। चूंकि जाति आपके मायके और जन्म के वंश से तय होती है, इसलिए कानूनी दस्तावेजों और आरक्षण (Reservation) के लाभ के लिए पिता का नाम और उनके पते का ही उपयोग किया जाता है। पति का नाम आपके निवास प्रमाण पत्र या विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) के लिए जरूरी हो सकता है, लेकिन जाति प्रमाण पत्र के लिए पिता की पहचान ही मान्य होगी।
यहाँ यह समझना भी जरूरी है कि आरक्षण का लाभ केवल आपको मिलेगा। आपके पति सामान्य श्रेणी (General Category) के ही रहेंगे और आपके बच्चों की जाति श्रेणी आमतौर पर पिता की जाति के आधार पर तय की जाती है, जब तक कि किसी विशेष परिस्थिति में अदालत द्वारा अलग आदेश न दिया गया हो।
फॉर्म भरते समय आप अपनी मूल ओबीसी श्रेणी का ही चयन करें और अपने पिता के नाम वाले वैध प्रमाण पत्र (Valid Certificate) का उपयोग करें। यह पूरी तरह से कानूनी है और विभाग आपकी शादी के आधार पर आपकी जाति बदलने का दबाव नहीं डाल सकता है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 19.01.2018 को दिए गए एक फैसले में निर्धारित कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति की जाति को उसके जन्म के अनुसार मान्यता दी जाती है और विवाह का तथ्य किसी भी तरह से उसकी जाति को प्रभावित नहीं करेगा। आपका ओबीसी प्रमाण पत्र पूरी तरह से वैध है और आप अपने लिए वे सभी लाभ उठा सकते हैं जो आप शादी से पहले ले रहे थे। और चूंकि जाति जन्म से निर्धारित होती है, इसमें हमेशा पिता का ही नाम होगा। प्रमाण पत्र का उपयोग करें जैसा है। कृपया याद रखें कि केवल आप ही आरक्षण के लाभ की हकदार हैं, न तो आपके पति और न ही आपके बच्चे, क्योंकि आपके पति सामान्य श्रेणी के हैं। आशा है कि यह आपकी क्वेरी को संतुष्ट करेगा!
सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम फैसले और स्पष्टीकरण के अनुसार, अंतरजातीय विवाह करने के बाद भी आपकी जाति वही रहती है और आप अपने पिता के नाम के साथ ही वही विवरण आगे रखकर फॉर्म भर सकते हैं। अपना नाम या उपनाम बदलने के बाद भी आप शपथ पत्र या समाचार पत्र की कटिंग के माध्यम से स्थिति स्पष्ट कर अपने उसी जाति प्रमाण पत्र का उपयोग कर सकते हैं।
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- नमस्कार, दिवाणी दाव्यामध्ये प्रतिवादीचा सध्याचा पोस्टल पत्ता मिळत नसल्यामुळे कोर्टाची नोटीस/समन्स बजावण्यात अडचण येत आहे. कृपया प्रतिवादीचा पत्ता कायदेशीर मार्गाने शोधण्यासाठी आणि नोटीस/समन्स बजावण्यासाठी योग्य ती कायदेशीर प्रक्रिया करता येईल का, याबाबत मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद.
- Namaste sir mera jo case Hai 2015 ka hai yah case close ho gaya hai aur yah jhutha case ka chakkar mein Hai ismein se naam hatwana hai kyunki mujhe clearance certificate banvane mein problem aati Hai application rejected ho jati h
- Sir ji Mera case act ka hai jismein mera bhai fasaya gaya hai usko Saja ho gai hai 25 sal ki usmein criminal appeal karni hai ki jankari chahie Thi iske liye help chahie Thi aapki main bahut Garib aadami hun mujhe aapki help chahie
- मेरा नाम सुरेंद्र कुमार हैं और मेरे पिता जी का नाम श्री नब्बू आदिवासी हैं मेने 3 महीने एक कंपनी में लेवर सप्लाई का काम किया अभी 2 महीने होने जा रहे है ठेकेदार और कंपनी ने पेमेंट नहीं किया है में 2 महीने से बहुत ज्यादा परेशान हु