क्या पति का दूसरी औरत को घर में रखना अपराध है और पत्नी उसे कैसे बाहर निकाले


सवाल

मेरे पति का किसी दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध है और उन्होंने जबरदस्ती उस महिला को पिछले दो साल से मेरे घर में रखा हुआ है। जब मैं इसका विरोध करती हूं तो पति उस महिला के कहने पर मेरे साथ मारपीट करते हैं। पुलिस मुझसे पूछ रही है कि मैंने दो साल तक उसे बर्दाश्त क्यों किया। मैं जानना चाहती हूं कि मैं उस दूसरी महिला को अपने घर से कैसे निकालूं और अपने पति के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई करूं।

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आप एक बहुत ही कठिन परिस्थिति में हैं, लेकिन कानून पूरी तरह से आपके साथ है। सबसे पहले आप पुलिस के इस सवाल से घबराएं नहीं कि आपने दो साल तक इंतजार क्यों किया। घरेलू हिंसा (Domestic Violence) एक 'निरंतर चलने वाला अपराध' (Continuing Offense) है। आप पुलिस को स्पष्ट बताएं कि आपको जान से मारने की धमकी दी गई थी और आप डर के कारण चुप थीं, जो कि देरी का एक वैध कारण है।

उस दूसरी महिला को घर से निकालने और अपनी सुरक्षा के लिए आपको 'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005' (Protection of Women from Domestic Violence Act) का सहारा लेना होगा। यह कानून आपको सबसे तेज राहत देगा। आपको तुरंत एक वकील के जरिए मजिस्ट्रेट के सामने आवेदन देना चाहिए।

इस कानून की धारा 19 के तहत आप कोर्ट से 'निवास आदेश' (Residence Order) की मांग कर सकती हैं। कोर्ट तुरंत आदेश देगा कि उस बाहरी महिला को आपके वैवाहिक घर से बाहर निकाला जाए, क्योंकि उस घर में रहने का कानूनी हक सिर्फ आपका है। साथ ही, आप धारा 18 के तहत 'संरक्षण आदेश' (Protection Order) भी मांगें, जिससे कोर्ट पति को आपके साथ मारपीट करने या आपसे दूर रहने का सख्त निर्देश देगा।

इसके अलावा, पति द्वारा मारपीट करने और मानसिक प्रताड़ना देने के लिए आप उन पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज करवा सकती हैं। नई 'भारतीय न्याय संहिता' (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की धारा 85 (जो पहले आईपीसी 498A थी) के तहत पति पर 'क्रूरता' (Cruelty) का केस दर्ज होगा। किसी दूसरी महिला को पत्नी के साथ उसी घर में रखना 'मानसिक क्रूरता' का सबसे गंभीर रूप है। आप अपने और अपने बच्चों के लिए पति से तुरंत भरण-पोषण (Maintenance) भी मांग सकती हैं।

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प्रथम पत्नी के पास कानूनी तौर पर कई सारे उपाय एवं रास्ते उपलब्ध है जिसमें से सर्वप्रथम अपने नजदीकी पुलिस थाने अथवा महिला थाने के अंतर्गत एक रिपोर्ट आपके पति के द्वारा की जा रही घरेलू हिंसा के विरुद्ध दर्ज करवाई एवं साथ ही उसे रिपोर्ट के अंतर्गत धाराएं जैसे की 498 ए भी शामिल करवा

इसके अतिरिक्त आप मजिस्ट्रेट के समक्ष घरेलू हिंसा से बचाव कानून के अंतर्गत घर से ना निकाले जाने की आवेदन पत्र को प्रस्तुत कर घर में अपने संरक्षण की मांग कर सकते हैं कि आप अपने पति के विरुद्ध भरण पोषण की राशि के लिए भी आवेदन लगा सकते हैं अपने भरण पोषण की राशि अपने पति के विरुद्ध विवाह विच्छेद का आवेदन भी दर्ज करवा सकते हैं


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