उच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका खारिज होने पर क्या करें


सवाल

मैंने घरेलू हिंसा कानून (PWDVA) के तहत अपने ससुराल के घर में रहने के हक के लिए हाई कोर्ट में रिट याचिका (WP) दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया है। मेरे पति की मृत्यु हो चुकी है, मेरी उम्र 56 साल है और मेरी आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। अब मेरे पास क्या रास्ता बचा है?

उत्तर (3)


422 votes

हाई कोर्ट (High Court) से याचिका खारिज होने का मतलब यह नहीं है कि आपके लिए सारे रास्ते बंद हो गए हैं। कानून एक विधवा महिला को, जिसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, विशेष सुरक्षा प्रदान करता है।

आपकी स्थिति में आप निम्नलिखित कानूनी कदम उठा सकती हैं:

1. रिव्यू पिटीशन (Review Petition)

यदि आपको लगता है कि हाई कोर्ट ने फैसले के दौरान किसी महत्वपूर्ण तथ्य (Fact) या कानून की अनदेखी की है, तो आप उसी हाई कोर्ट में 'पुनर्विचार याचिका' (Review Petition) डाल सकती हैं। इसमें कोर्ट से अपने ही फैसले पर दोबारा गौर करने की गुजारिश की जाती है।

2. सुप्रीम कोर्ट में अपील (Special Leave Petition - SLP)

हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ आप भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का दरवाजा खटखटा सकती हैं। इसे SLP कहा जाता है। चूंकि मामला एक विधवा महिला के 'आश्रय के अधिकार' (Right to Shelter) और 'साझा घर' (Shared Household) से जुड़ा है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट में आपकी बात सुनी जा सकती है।

3. मुफ्त कानूनी सहायता (Free Legal Aid)

चूंकि आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर है, इसलिए आपको वकील की भारी फीस देने की जरूरत नहीं है। आप 'विधिक सेवा प्राधिकरण' (Legal Services Authority) के दफ्तर जा सकती हैं। हर कोर्ट (हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट) में इनका ऑफिस होता है, जो विधवाओं और कमजोर आय वाले लोगों को मुफ्त में वकील उपलब्ध करवाते हैं।

4. मेंटेनेंस और रहने का नया दावा

भले ही पुरानी याचिका खारिज हो गई हो, लेकिन 'घरेलू हिंसा अधिनियम' (Domestic Violence Act) के तहत आप अपने ससुराल वालों (जैसे सास-ससुर) से भरण-पोषण (Maintenance) और रहने के लिए जगह की मांग के लिए नए तथ्यों के साथ निचली अदालत (Family Court) में आवेदन दे सकती हैं, खासकर तब जब आपके पास आय का कोई साधन न हो।

चूंकि आप 56 साल की हैं और विधवा हैं, आप 'वरिष्ठ नागरिक अधिनियम' के तहत भी सुरक्षा की मांग कर सकती हैं (यदि आप ६० वर्ष के करीब हैं या विशेष परिस्थितियों में)।

337 votes

मुझे यह कहते हुए खेद है कि आपकी समस्या की सराहना करना मेरे लिए थोड़ा कठिन है, जैसा कि वर्तमान में है। अपनी समस्या को बेहतर ढंग से समझने के लिए, कृपया या तो समस्या को दोबारा लिखें या या तो मुझे कॉल करें ताकि मैं आपकी समस्या का संभावित समाधान अधिक प्रभावी ढंग से और तुरंत प्रदान कर सकूं।

83 votes

आप एचसी या मई में एलपीए में एससी में एसएलपी फाइल कर सकते हैं और इस कारण के आधार पर कि डब्ल्यूपी को क्यों खारिज कर दिया गया था, चाहे डीआईडी या विविध कारणों से अपील अनुरक्षणीय है और जेएमएफसी द्वारा पीडब्ल्यूडीवीए आदेश को बहाल किया जा सकता है


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