अगर शिकायतकर्ता केस की तारीख पर कोर्ट में न आए तो क्या होता है?


सवाल

सर, मेरा सवाल ये है कि अगर किसी आपराधिक केस में शिकायतकर्ता (complainant) सुनवाई के समय बार-बार कोर्ट में हाज़िर न हो, तो क्या केस खारिज हो सकता है? अगर कई तारीख़ें मिस करने के बाद शिकायतकर्ता आ जाए तो क्या होगा? और कैसे पता चले कि उसने कोर्ट को पहले से अपने ना आने की सूचना दी है या नहीं?

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किसी भी मुक़दमे में अदालत में शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति केस को ख़ारिज करने का एक बड़ा कारण हो सकती है। हालाँकि भारतीय क़ानून में यह तय नहीं है कि शिकायतकर्ता के कितनी बार अनुपस्थित रहने पर केस ख़ारिज होगा, यह पूरी तरह से जज के विवेक पर निर्भर करता है। अगर शिकायतकर्ता लगातार और बिना किसी वैध कारण के अनुपस्थित रहता है, तो जज कुछ ही सुनवाई के बाद अनुपस्थिति के कारण केस को ख़ारिज कर सकते हैं।

हालाँकि, अगर शिकायतकर्ता किसी ज़रूरी कारण (जैसे बीमारी) से अनुपस्थित है और उसने कोर्ट को पहले से सूचित कर दिया है, तो कोर्ट सुनवाई की अगली तारीख दे सकता है।

अगर केस ख़ारिज हो जाता है, तो भी शिकायतकर्ता इसे दोबारा शुरू करवा सकता है। इसके लिए, शिकायतकर्ता को एक 'पुनर्बहाली की अर्ज़ी' देनी होगी, जिसमें उसे अपने कोर्ट में तारीख पर नहीं आने का ठोस कारण बताना होगा।

आपका वकील कोर्ट की 'डेली ऑर्डर शीट' चेक करके पता कर सकता है कि शिकायतकर्ता ने अपनी अनुपस्थिति के बारे में कोर्ट को सूचित किया था या नहीं।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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