क्या जमानत पर रिहा आरोपी नौकरी के लिए विदेश जा सकता है
सवाल
उत्तर (4)
जी हां, आप बिल्कुल विदेश जा सकते हैं। किसी आपराधिक मुकदमे का मतलब यह नहीं है कि आपका जीवन या करियर खत्म हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने परवेज नूरदीन लोखंडवाला बनाम महाराष्ट्र राज्य (2020) के फैसले में स्पष्ट कहा है कि किसी भी व्यक्ति को विदेश जाकर अपनी रोजी-रोटी कमाने के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता, भले ही उस पर मुकदमा चल रहा हो।
हालांकि, आप अपनी मर्जी से बैग उठाकर एयरपोर्ट नहीं जा सकते। चूंकि आप जमानत पर हैं, इसलिए अदालत ने आपकी विदेश यात्रा पर रोक लगाई होगी। विदेश जाने के लिए आपको उसी कोर्ट से लिखित 'अनुमति' (Permission to Travel Abroad) लेनी होगी जहां आपका केस चल रहा है।
चूंकि आपके पास सिर्फ एक हफ्ते का समय है, आपको तुरंत अपने वकील के जरिए कोर्ट में दो आवेदन लगाने होंगे:
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विदेश जाने की अनुमति: इसमें आपको अपना 'नियुक्ति पत्र' (Offer Letter), विदेश का पता और लौटने की संभावित तारीख बतानी होगी। कोर्ट यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप भागेंगे नहीं, आपसे कुछ अतिरिक्त राशि या एफडी (Fixed Deposit) बतौर सुरक्षा जमा करवा सकता है।
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व्यक्तिगत पेशी से छूट (Exemption from Personal Appearance): आपको 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 226 (जो पहले सीआरपीसी 205 थी) के तहत आवेदन देना होगा। इसमें आपका वकील कोर्ट को वचन देगा कि आपकी गैर-मौजूदगी में वह हर तारीख पर पेश होगा और कोर्ट की कार्यवाही नहीं रुकेगी।
अगर आपका पासपोर्ट कोर्ट या पुलिस के पास जमा है, तो उसे वापस लेने की अर्जी भी साथ में लगानी होगी। कोर्ट आमतौर पर करियर और भविष्य को देखते हुए शर्तें लगाकर अनुमति दे देता है। लेकिन याद रखें, बिना कोर्ट के आदेश के जाने की कोशिश बिल्कुल न करें, वरना एयरपोर्ट पर आपको रोक लिया जाएगा और आपकी जमानत रद्द होकर आपको जेल भी हो सकती है।
नहीं, आप कहीं नहीं जा सकते क्योंकि आपके लिए सुनवाई की हर तारीख पर अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य है सिवाय उस मामले में जब अदालत आपकी छूट की अनुमति देती है। इसके लिए आप अदालत के सामने पेश होने से स्थायी छूट के लिए आवेदन दायर कर सकते हैं और यह अदालत पर निर्भर है कि वह आपको अनुमति देता है या नहीं। लेकिन उस मामले में भी आपको अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा जब भी अदालत को लगता है कि मामले के उचित निष्पादन के लिए आपकी उपस्थिति आवश्यक है। यदि आप अभी भी अदालत के समक्ष उपस्थित होने से बचते हैं, तो आपके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा और बाद में आपको घोषित अपराधी घोषित कर दिया जाएगा।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
सिविल कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- नमस्कार, दिवाणी दाव्यामध्ये प्रतिवादीचा सध्याचा पोस्टल पत्ता मिळत नसल्यामुळे कोर्टाची नोटीस/समन्स बजावण्यात अडचण येत आहे. कृपया प्रतिवादीचा पत्ता कायदेशीर मार्गाने शोधण्यासाठी आणि नोटीस/समन्स बजावण्यासाठी योग्य ती कायदेशीर प्रक्रिया करता येईल का, याबाबत मार्गदर्शन करावे. धन्यवाद.
- Namaste sir mera jo case Hai 2015 ka hai yah case close ho gaya hai aur yah jhutha case ka chakkar mein Hai ismein se naam hatwana hai kyunki mujhe clearance certificate banvane mein problem aati Hai application rejected ho jati h
- Sir ji Mera case act ka hai jismein mera bhai fasaya gaya hai usko Saja ho gai hai 25 sal ki usmein criminal appeal karni hai ki jankari chahie Thi iske liye help chahie Thi aapki main bahut Garib aadami hun mujhe aapki help chahie
- मेरा नाम सुरेंद्र कुमार हैं और मेरे पिता जी का नाम श्री नब्बू आदिवासी हैं मेने 3 महीने एक कंपनी में लेवर सप्लाई का काम किया अभी 2 महीने होने जा रहे है ठेकेदार और कंपनी ने पेमेंट नहीं किया है में 2 महीने से बहुत ज्यादा परेशान हु