क्या जमानत पर रिहा आरोपी नौकरी के लिए विदेश जा सकता है


सवाल

मैं तेइस साल का हूं और मुझ पर एक आपराधिक मुकदमा चल रहा है जिसमें मैं अभी जमानत पर बाहर हूं। मुझे विदेश में नौकरी का एक बहुत अच्छा अवसर मिला है और मुझे एक हफ्ते के अंदर वहां जाना है। मैं जानना चाहता हूं कि क्या कोर्ट केस चलते हुए मैं विदेश जा सकता हूं या मुझे यह मौका छोड़ना पड़ेगा? कृपया मुझे सही रास्ता दिखाएं।

उत्तर (4)


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जी हां, आप बिल्कुल विदेश जा सकते हैं। किसी आपराधिक मुकदमे का मतलब यह नहीं है कि आपका जीवन या करियर खत्म हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने परवेज नूरदीन लोखंडवाला बनाम महाराष्ट्र राज्य (2020) के फैसले में स्पष्ट कहा है कि किसी भी व्यक्ति को विदेश जाकर अपनी रोजी-रोटी कमाने के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता, भले ही उस पर मुकदमा चल रहा हो।

हालांकि, आप अपनी मर्जी से बैग उठाकर एयरपोर्ट नहीं जा सकते। चूंकि आप जमानत पर हैं, इसलिए अदालत ने आपकी विदेश यात्रा पर रोक लगाई होगी। विदेश जाने के लिए आपको उसी कोर्ट से लिखित 'अनुमति' (Permission to Travel Abroad) लेनी होगी जहां आपका केस चल रहा है।

चूंकि आपके पास सिर्फ एक हफ्ते का समय है, आपको तुरंत अपने वकील के जरिए कोर्ट में दो आवेदन लगाने होंगे:

  1. विदेश जाने की अनुमति: इसमें आपको अपना 'नियुक्ति पत्र' (Offer Letter), विदेश का पता और लौटने की संभावित तारीख बतानी होगी। कोर्ट यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप भागेंगे नहीं, आपसे कुछ अतिरिक्त राशि या एफडी (Fixed Deposit) बतौर सुरक्षा जमा करवा सकता है।

  2. व्यक्तिगत पेशी से छूट (Exemption from Personal Appearance): आपको 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 226 (जो पहले सीआरपीसी 205 थी) के तहत आवेदन देना होगा। इसमें आपका वकील कोर्ट को वचन देगा कि आपकी गैर-मौजूदगी में वह हर तारीख पर पेश होगा और कोर्ट की कार्यवाही नहीं रुकेगी।

अगर आपका पासपोर्ट कोर्ट या पुलिस के पास जमा है, तो उसे वापस लेने की अर्जी भी साथ में लगानी होगी। कोर्ट आमतौर पर करियर और भविष्य को देखते हुए शर्तें लगाकर अनुमति दे देता है। लेकिन याद रखें, बिना कोर्ट के आदेश के जाने की कोशिश बिल्कुल न करें, वरना एयरपोर्ट पर आपको रोक लिया जाएगा और आपकी जमानत रद्द होकर आपको जेल भी हो सकती है।

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नहीं, आप कहीं नहीं जा सकते क्योंकि आपके लिए सुनवाई की हर तारीख पर अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य है सिवाय उस मामले में जब अदालत आपकी छूट की अनुमति देती है। इसके लिए आप अदालत के सामने पेश होने से स्थायी छूट के लिए आवेदन दायर कर सकते हैं और यह अदालत पर निर्भर है कि वह आपको अनुमति देता है या नहीं। लेकिन उस मामले में भी आपको अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा जब भी अदालत को लगता है कि मामले के उचित निष्पादन के लिए आपकी उपस्थिति आवश्यक है। यदि आप अभी भी अदालत के समक्ष उपस्थित होने से बचते हैं, तो आपके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा और बाद में आपको घोषित अपराधी घोषित कर दिया जाएगा।

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आपको अदालत से तब तक अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है जब तक कि आपको जमानत देते समय न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश स्पष्ट रूप से यह न कहे कि मामला लंबित होने तक आपको देश छोड़ने की अनुमति नहीं है। आपको अपने जमानत आदेश को ध्यान से पढ़ना चाहिए। यदि आपको सहायता की आवश्यकता हो तो एक मीटिंग फिक्स करें।

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नमस्कार सबसे पहले कृपया मुझे बताएं कि कौन सा मामला और धाराएं हैं। और आपका मामला किस समय अदालत में चल रहा है। आप आवेदन के साथ अदालत के समक्ष अनुमति ले सकते हैं।


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