क्या धारा 144 के तहत पुलिस निजी घर का निर्माण रोक सकती है
सवाल
मेरे पड़ोसी ने मेरे निर्माण को रुकवाने के लिए एसडीएम कोर्ट में धारा 144 के तहत केस किया है। अभी तक कोर्ट से काम रोकने का कोई लिखित आदेश नहीं आया है, सिर्फ एक तारीख हुई है। लेकिन पुलिस कह रही है कि धारा 144 लागू है इसलिए काम बंद करो। हमारे पास 25 साल से वहां घर है और हम अपनी ही जमीन पर काम कर रहे हैं। क्या पुलिस बिना कोर्ट के लिखित आदेश के हमें रोक सकती है?
उत्तर (5)
नहीं, पुलिस के पास यह अधिकार नहीं है कि वह केवल किसी के केस फाइल करने मात्र से आपका निर्माण कार्य रुकवा दे। आपको इस स्थिति को कानूनी रूप से समझना होगा, क्योंकि रांची (झारखंड) या भारत के किसी भी हिस्से में प्रक्रिया एक ही है।
यहाँ आपकी स्थिति के लिए कुछ मुख्य कानूनी बातें दी गई हैं:
1. धारा 144 का मतलब: अब नए कानून में इसे धारा 163 (BNSS) कहा जाता है। यह धारा मुख्य रूप से "शांति व्यवस्था" बनाए रखने के लिए होती है। अगर एसडीएम (SDM) को लगता है कि निर्माण की वजह से वहां दंगा हो सकता है या खून-खराबा हो सकता है, तभी वह काम रोकने का अंतरिम आदेश (Interim Order) दे सकते हैं।
2. लिखित आदेश (Stay Order) जरूरी: जब तक एसडीएम कोर्ट से "यथास्थिति" (Status Quo) या "काम रोकने का आदेश" (Stay Order) लिखित रूप में जारी नहीं होता और उसकी कॉपी आपको या पुलिस को नहीं मिलती, तब तक पुलिस आपको काम करने से नहीं रोक सकती। सिर्फ केस फाइल होने का मतलब यह नहीं है कि काम रुक गया है।
3. पुलिस की भूमिका: पुलिस का काम केवल यह देखना है कि वहां मारपीट न हो। पुलिस अक्सर विवाद से बचने के लिए कह देती है कि "काम बंद करो", लेकिन बिना लिखित कोर्ट ऑर्डर के उनके पास ऐसी कोई कानूनी शक्ति नहीं है। यदि पुलिस आपको धमकी दे रही है, तो आप उनसे कोर्ट के उस आदेश की कॉपी मांग सकते हैं जिसमें काम रोकने का जिक्र हो।
4. सिविल विवाद (Civil Dispute): जमीन की सीमा या कब्जे का विवाद असल में एक 'सिविल मामला' है। अगर पड़ोसी को आपत्ति है, तो उसे 'सिविल कोर्ट' जाना चाहिए। एसडीएम कोर्ट में धारा 144 केवल अस्थायी शांति के लिए होती है, यह जमीन के मालिकाना हक का फैसला नहीं कर सकती।
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अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में यह बात रखें कि आप अपनी पुरानी जमीन पर ही निर्माण कर रहे हैं और पड़ोसी केवल परेशान करने के लिए यह कर रहा है। अगर पुलिस बिना आदेश के परेशान करे, तो आप उनके वरिष्ठ अधिकारी (SSP या DSP) को शिकायत दे सकते हैं कि बिना किसी लिखित न्यायिक आदेश के आपका निजी काम रोका जा रहा है।
ठीक है, आप अपने प्रश्न के साथ-साथ इसके उत्तर से भी अपडेट हैं। आपकी अवधारणा स्पष्ट और सही है। डीवेलिंग हाउस में धारा 144 सीआरपीसी लागू नहीं होगी, लेकिन एक बार जब आप अदालत के सामने पेश हो जाते हैं, तो आपको अपनी विवादित भूमि पर आपके खिलाफ धारा 144 को रद्द करने के लिए अदालत के समक्ष संबंधित सबूत के साथ पूरे आधार का उल्लेख करते हुए अपना लिखित बयान दर्ज करना होगा। घर। बीच में आपने निर्माण रोक दिया या न्यायालय की अनुमति से अपना निर्माण जारी रखा। नि:संदेह, काम रोकना पुलिस का कर्तव्य है। कृपया अधिक जानकारी के लिए पूरे दस्तावेजों के साथ अपने वकील/संपर्क से परामर्श लें। धन्यवाद आदित्य कुमार एडवोकेट
आदरणीय महोदय, एसडीएम द्वारा एक बार निर्माण रोके जाने का आदेश पारित हो जाने के बाद उसका पालन करना पुलिस का कर्तव्य है. आप स्थिति के सटीक मामलों को बताते हुए यथाशीघ्र अपना शो कॉज दायर करके आदेश को खाली करवा सकते हैं, विशेष रूप से इस तथ्य को उजागर करते हुए कि धारा 144, Cr.PC आपके द्वारा बताए गए आवासीय भवन और अन्य तथ्यों पर आकर्षित नहीं हो सकती है। आप अपना कारण बताओ दाखिल करने के बाद एसडीएम से जल्द से जल्द मामले की सुनवाई करने के लिए आग्रह कर सकते हैं। सादर रोहित रंजन सिन्हा, अधिवक्ता
आपके पास कानून के तहत मामले में समाधान है और आप अपनी भूमि में निर्माण कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको कुछ कानूनी औपचारिकताओं का पालन करना होगा। फिलहाल जमीन पर धारा 144 लगी हुई है आप हालात से बाहर आ सकते हैं। सभी के बारे में जानने के लिए साइट से मेरी जानकारी प्राप्त करने के लिए मुझसे संपर्क कर सकते हैं। शैलेश कुमार एक उच्च न्यायालय के वकील
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
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- Sir ji Mera case act ka hai jismein mera bhai fasaya gaya hai usko Saja ho gai hai 25 sal ki usmein criminal appeal karni hai ki jankari chahie Thi iske liye help chahie Thi aapki main bahut Garib aadami hun mujhe aapki help chahie
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