क्या तलाकशुदा कोटे से सरकारी नौकरी मिलने के बाद दोबारा शादी कर सकते हैं


सवाल

मेरी बहन को इसी साल राजस्थान में तलाकशुदा कोटे (Divorcee Quota) के तहत सरकारी शिक्षक की नौकरी मिली है। अब हम उनकी दोबारा शादी करना चाहते हैं। क्या तलाकशुदा कोटे से नौकरी मिलने के बाद विवाह करने पर उनकी नौकरी पर कोई संकट आ सकता है? राजस्थान के सेवा नियमों के अनुसार इस पर क्या कानूनी प्रावधान हैं और क्या भविष्य में किसी पेचीदगी से बचने के लिए हमें कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए?

उत्तर (4)


300 votes

हाँ, आपकी बहन सरकारी नौकरी मिलने के बाद पूरी तरह से कानूनी रूप से दोबारा विवाह कर सकती हैं। भारत का संविधान और व्यक्तिगत कानून किसी भी व्यक्ति को दोबारा शादी करने से नहीं रोकते हैं। राजस्थान सेवा नियमों के अनुसार, तलाकशुदा कोटे का लाभ केवल नौकरी पाने के समय तक ही सीमित होता है। एक बार जब किसी अभ्यर्थी को उस कोटे के तहत नियुक्ति (Appointment) मिल जाती है, तो उसके बाद उनके वैवाहिक जीवन में होने वाले बदलावों का उनकी नौकरी की वैधता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।

कानूनी स्थिति यह है कि आरक्षण या विशेष कोटे का लाभ केवल आवेदन और चयन की प्रक्रिया के दौरान देखा जाता है। चयन के समय आपकी बहन का तलाकशुदा होना अनिवार्य था, जो कि वह थीं। नौकरी जॉइन करने के बाद यदि वे पुनर्विवाह (Remarriage) करती हैं, तो इसे उनकी सेवा की शर्तों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी कई मामलों में यह स्पष्ट किया है कि कोटे के आधार पर मिली नौकरी के बाद विवाह करने से महिला की वरिष्ठता या पद पर कोई आंच नहीं आएगी।

हालांकि, पुनर्विवाह के बाद कुछ औपचारिक बदलाव करने पड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, उन्हें अपने सेवा रिकॉर्ड (Service Record) में अपने वैवाहिक स्थिति की जानकारी अपडेट करनी होगी और यदि वे अपना उपनाम (Surname) बदलती हैं, तो इसकी सूचना विभाग को देनी होगी। इससे भविष्य में पेंशन (Pension) या अन्य पारिवारिक लाभों के नामांकन (Nomination) में कोई समस्या नहीं आएगी।

आपको सलाह दी जाती है कि विवाह के बाद विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) जरूर बनवाएं और विभाग को एक औपचारिक सूचना दे दें। इससे उनकी सेवा संबंधी कागजी कार्रवाई स्पष्ट रहेगी। यदि विभाग का कोई अधिकारी इस आधार पर कोई आपत्ति उठाता है, तो उसे कानूनी रूप से चुनौती दी जा सकती है क्योंकि पुनर्विवाह का अधिकार एक मौलिक अधिकार है।

254 votes

पुनर्विवाह को रोकने के लिए किसी भी कानून में इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है... यदि सेवा नियमों में ऐसा नियम है तो इसे रद्द किया जा सकता है...आपकी बहन फिर से शादी कर सकती है....यदि इसमें कोई पेचीदगी उत्पन्न होती है सेवा के संबंध में भविष्य आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं....

250 votes

हां आप नौकरी मिलने के बाद तलाकशुदा कोटे की उम्र में छूट के आधार पर पुनर्विवाह कर सकते हैं लेकिन आपको अपना परिवीक्षा काल पूरा करना होगा फिर आप पुनर्विवाह कर सकते हैं इसमें कोई समस्या नहीं है। एक बार यदि आप अपनी परिवीक्षा अवधि पूरी कर लेते हैं तो आपकी नौकरी नियमित, स्थायी और सुरक्षित हो जाएगी। वास्तव में परिवीक्षा पूरी होने के ठीक बाद, सरकार। स्थायी आधार पर नौकरी के विचार के लिए मुख्यालय या शाखा को अनापत्ति दस्तावेजों के साथ कर्मचारियों को सभी विवरण भेजते थे। तो इसके बाद शादी करने में कोई हर्ज नहीं है।

315 votes

हां, शादी जीवन का हिस्सा है और संविधान में दिए गए नागरिक के इस अधिकार को कोई नहीं छीन सकता है और नौकरी पाना एक पहलू है जब एक लड़की को अपना ससुराल छोड़ना पड़ता है लेकिन यह उसे जीवन में फिर से बसने से नहीं रोकता है।


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