जबरन इस्तीफा लेने और वेतन न मिलने पर श्रम आयुक्त को शिकायत कैसे करें


सवाल

मैं एक स्कूल में वर्ष 2017 से शिक्षक के रूप में कार्यरत था लेकिन दो साल बाद स्कूल प्रशासन ने मुझे सत्र के बीच में ही जबरन नौकरी से निकाल दिया और धोखे से बर्खास्तगी पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए। उन्होंने मेरा बकाया वेतन बैंक खाते में भेजने का वादा किया था लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी मुझे भुगतान नहीं मिला है। मैं जानना चाहता हूं कि अपना रुका हुआ वेतन और मुआवजा पाने के लिए मैं श्रम आयुक्त को शिकायत पत्र कैसे लिखूं?

उत्तर (2)


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जी हां, अगर आपसे जबरदस्ती इस्तीफा लिया गया है और वेतन रोका गया है, तो यह 'अनुचित श्रम व्यवहार' (Unfair Labor Practice) है। आप अपने जिले के सहायक श्रम आयुक्त (Assistant Labor Commissioner) को लिखित शिकायत देकर अपने वेतन और हर्जाने की मांग कर सकते हैं।

नीचे शिकायत पत्र का एक मानक प्रारूप दिया गया है जिसे आप अपनी जानकारी के साथ भर सकते हैं:

सेवा में, सहायक श्रम आयुक्त / श्रम अधिकारी, [अपने जिले का नाम और राज्य लिखें], [कार्यालय का पता]

विषय: स्कूल प्रबंधन द्वारा अनुचित तरीके से नौकरी से निकालने और बकाया वेतन न देने बाबत शिकायत।

महोदय, सविनय निवेदन है कि मैं, [अपना नाम], निवासी [अपना पता], पिछले 2 वर्षों से [स्कूल का नाम और पता] में शिक्षक के पद पर कार्यरत था। मेरा मासिक वेतन [राशि] रुपये था।

  1. दिनांक [तारीख] को स्कूल प्रबंधन ने मुझे बिना किसी पूर्व सूचना या 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) के सत्र के बीच में ही नौकरी से निकाल दिया।

  2. प्रबंधन ने मुझे डरा-धमकाकर जबरन 'बर्खास्तगी पत्र' (Termination Letter) पर हस्ताक्षर करवा लिए, जो कि गैर-कानूनी है।

  3. उन्होंने वादा किया था कि मेरा बकाया वेतन ईसीएस के माध्यम से भेज दिया जाएगा, लेकिन 7 महीने बीत जाने के बाद भी मुझे कोई भुगतान नहीं मिला है। इस कारण मैं भारी आर्थिक संकट और 'मानसिक प्रताड़ना' (Mental Harassment) से गुजर रहा हूं।

अतः आपसे प्रार्थना है कि: मेरे मामले में हस्तक्षेप करें और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दें कि वे मेरा [कुल बकाया महीनों] का वेतन ब्याज सहित भुगतान करें और अनुचित तरीके से नौकरी से निकालने के लिए मुझे उचित मुआवजा भी दिलाएं।

संलग्न: (1) नियुक्ति पत्र की कॉपी (2) जबरन हस्ताक्षर कराए गए पत्र की कॉपी (3) बैंक स्टेटमेंट।

भवदीय, [आपका नाम और हस्ताक्षर] [आपका मोबाइल नंबर] दिनांक: [आज की तारीख]

जरूरी सलाह: इस पत्र को हमेशा 'पंजीकृत डाक' (Registered Post) से भेजें और उसकी रसीद अपने पास सुरक्षित रखें। यह रसीद भविष्य में लेबर कोर्ट में एक अहम सबूत साबित होगी।

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नमस्ते महोदय, हम संगठन में अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बाद भी आपके द्वारा सामना की जाने वाली मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न को समझते हैं। आपको जो मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी है, उसके लिए हम आपको ब्याज सहित बकाया राशि और हर्जाना दिलवाने में आपकी मदद करेंगे।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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