श्रीमान जी मेरे पिता 08 संतानें हैं। 08 स


सवाल

श्रीमान जी, मेरे पिता की 08 संतानें हैं। 08 संतानों में 03 भाई और 05 बहनें हैं। सभी संतानों की शादी हो चुकी है। मेरे माता-पिता जी काफी बूढें हो गये हैं। हम सभी बहनें अपने माता-पिता से काफी प्यार करती हैं, लेकिन मेरे भाई और भाभियों का बुरा व्यवहार बहनों से किया जाता है। वर्तमान में हमारे पिता एवं माता को अपने पक्ष में कराकर जमीन की वसीयत करवाना चाहते हैं। जिसमें बहनों से आधार कार्ड मांगा जा रहा है। मजबूरी में हम सभी बहनें अपना आधार कार्ड तो दे देगीं, परन्तु अगर पिता जी ने बेटों के नाम वसीयत कर दी तो बहनों का आना जाना बिल्कुल ही बन्द हो जायेगा। साथ ही यह भी बताना है कि मेरे पिता जी अपने जिन्दा रहते वक्त ही वसीयत सभी बेटों के नाम कर देना चाहते हैं। मेरे पिता की उम्र करीब 70 साल है। पिता जी पुरानी रीति-रिवाज के अनुसार कहते हैं कि बेटियों को अधिकार सम्पत्ति पर नही होता है जबकि पिता जी की सम्पति पैत्रक है। क्या वसीयत के पहले बेटी कोर्ट में जमीन में हिस्सेदारी के लिए मुकदमा कर सकती है। कृपया उचित सलाह दें।

उत्तर (2)


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के पिता को पूर्ण अधिकार है वह जिसे चाहे अपनी संपत्ति दे सकते हैं और जिसे चाहे अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं दादा लाई संपत्ति हो या खरीद भी संपत्ति हो जिसका नाम संपत्ति होती है अपना उत्तराधिकारी चुन सकता है कोर्ट के माध्यम से अन्य माध्यम से उसके साथ जबरदस्ती नहीं की जा सकती हां यदि आपके पिता की मृत्यु हो जाती है सबको प्राप्त होगी पिता की मृत्यु के पश्चात संपत्ति पर मैं बहनों का समान अधिकार होगा


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