मेरे पिता जी चचेरे भाई 10 एकड़ जमीन विवाद


सवाल

मेरे पिता जी और उनके चचेरे भाई के बीच 10 एकड़ जमीन का विवाद 1984 सेचल रहा था। 1999 में लोक अदालत में समझौता हुआ । जिसमें दोनो भाइ आधा आधा जमीन लेकर राजीनामा हो गए। मेरे पिता बीमार रहते थे जिसके कारण 5 एकड़ जमीन के नामांतरण के लिए आवेदन करने में विलंब हो गया। 2020 में तहसीलदार के न्यायालय में आवेदन लगाया गया तो उसने विलंब होने का हवाला देकर खारिज कर दिया। अब सामने वाले ने पूरी जमीन पर स्वत्व की उद्घोषणा के लिए सिविल वाद पेश किया है। जबकि पूरी जमीन पर हम लोगों का कब्जा है। पहले हम उसके हिस्से की फसल दे रहे थे मगर उन्होंने अब पूरी जमीन पर दावा किया है। अब क्या होगा।

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आपके पिता और चाचा की जमीन लोक अदालत के द्वारा सन् 1999 में डिसाइड कर दिया गया था . लोक अदालत के द्वारा दिया गया निर्णय पार्टियों पर बाध्यकारी होता है . आपके नामांक नामांतरण करने मैं विलंब के कारण ऐसा नहीं हो सकता है कि आप की जमीन का हकदार कोई और हो जाए . अब आपके चाचा जाट परिवार के लोग पूरी भूमिहार अब जाना चाहते हैं आधार चाहिए होगा . आप लोग फैसले को ढूंढ कर अपने पास रख लीजिए जजमेंट आपके भविष्य में काम आएगा के काम आएगा .


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