जमीन पर पड़ोसी कब्जा करे या काम रोके तो सरकारी मदद कैसे लें
सवाल
मैंने तीन साल पहले पटना में एक जमीन खरीदी थी जिसकी रजिस्ट्री मेरे नाम पर है। जब भी मैं वहां चारदीवारी बनाने की कोशिश करता हूं तो पड़ोसी पांच फीट जमीन अपनी बताकर झगड़ा करता है और काम रुकवा देता है। वह अपनी जमीन के कोई कागज भी नहीं दिखाता और आए दिन मारपीट की नौबत आ जाती है। मैं जानना चाहता हूं कि प्रशासन की मदद लेकर मैं कानूनी रूप से अपनी जमीन की पैमाइश और निर्माण कैसे करवा सकता हूं?
उत्तर (1)
आपके पास पंजीकृत बैनामा (Registered Sale Deed) है, इसलिए आप जमीन के कानूनी मालिक हैं और कानून पूरी तरह आपके साथ है। पड़ोसी का बिना कागज के दावा करना मान्य नहीं है। बिहार में जमीन विवाद सुलझाने और सरकारी मदद पाने के लिए आपको चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ना होगा।
सरकारी अमीन से सीमांकन करवाएं चूंकि विवाद सीमा (Boundary) को लेकर है, इसलिए सबसे पहले आपको अपने क्षेत्र के अंचल अधिकारी (Circle Officer - CO) के कार्यालय में जाना होगा। वहां आपको धारा 118 के तहत 'भूमि सीमांकन' (Land Demarcation) के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए एक मामूली सरकारी फीस लगती है। सीओ साहब सरकारी अमीन (Government Surveyor) को भेजेंगे जो सरकारी नक्शे के आधार पर सबके सामने जमीन की नाप करेगा। यह रिपोर्ट सबसे बड़ा सबूत होती है।
पुलिस सुरक्षा मांगें जब सरकारी अमीन जमीन नापने आए, या जब आप निर्माण शुरू करें, तो आप झगड़े की आशंका जताते हुए स्थानीय थानेदार (SHO) को लिखित आवेदन देकर 'पुलिस सुरक्षा' (Police Protection) की मांग कर सकते हैं। अंचल अधिकारी के आदेश और अपनी रजिस्ट्री के आधार पर पुलिस आपको सुरक्षा देने के लिए बाध्य है ताकि सरकारी काम में बाधा न आए।
दीवानी न्यायालय से निषेधाज्ञा अगर पड़ोसी सरकारी नाप को भी नहीं मानता और गुंडागर्दी करता है, तो आपको तुरंत दीवानी न्यायालय (Civil Court) में एक मुकदमा दायर करके 'स्थायी निषेधाज्ञा' (Permanent Injunction) की मांग करनी चाहिए। कोर्ट अमीन की रिपोर्ट देखकर तुरंत पड़ोसी को आपकी जमीन पर आने या निर्माण कार्य में बाधा डालने से रोक देगा (Stay Order)। इसके बाद अगर वह रोकता है, तो उसे जेल जाना पड़ सकता है। साथ ही, मारपीट और धमकी के लिए आप पुलिस में अलग से एफआईआर (FIR) दर्ज करवा सकते हैं।
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