फर्जी नामांतरण वसीयत टाइटल डीड को रद्द करने का प्रावधान
सवाल
उत्तर (3)
प्रिय महोदय, आपके तथ्यों के आधार पर आपको घोषणा की राहत के साथ विभाजन के लिए एक मुकदमा दायर करने की आवश्यकता होगी, जिससे उक्त फर्जी दस्तावेजों को अमान्य घोषित करने और रहने के लिए निषेधाज्ञा की प्रार्थना की जा सके। समय: विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है और इसमें लगभग 1.5 से 2 वर्ष लग सकते हैं। आपको आगे संपत्ति में अपने हिस्से के मूल्य के बराबर न्यायालय शुल्क का भुगतान करना होगा, उदाहरण के लिए यदि संपत्ति का सर्कल रेट रुपये है। 60,00,000/- है और आप इसमें 1/5 भाग का दावा करते हैं तो आपको रु. के विरुद्ध न्यायालय शुल्क का भुगतान करना होगा। 12,00,000/- जो लगभग रु. 13,000/-। संपत्ति के मृत मालिक के किसी भी कानूनी उत्तराधिकारी द्वारा मुकदमा दायर किया जा सकता है।
आपको सबसे पहले संबंधित नगरपालिका विभाग के साथ आगे बढ़ना होगा और म्यूटेशन रद्द करवाना होगा। यदि अन्य कानूनी उत्तराधिकारियों से कोई 'एनओसी' नहीं लिया गया है, तो आपके पास इसके लिए एक अच्छा मामला है। बेशक, पूरी तरह से सलाह देने से पहले दस्तावेजों को देखना होगा। लिया गया समय सीधे तौर पर किए गए प्रयास और बनाए गए दबाव पर निर्भर करता है। आपको अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा।
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प्रॉपर्टी कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सेवा में, *श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय,* *पुलिस कमिश्नरेट, अयोध्या,* *उत्तर प्रदेश।* *विषय: गरीब मजदूर के साथ वीज़ा के नाम पर ₹70,000/- की ऑनलाइन / ऑफलाइन ठगी - FIR दर्ज करने हेतु प्रार्थना।* *मान्यवर,* सादर प्रणाम। मैं *सत्येन्द्र कुमार पुत्र बाबूलाल, निवासी: ग्राम - कोटवा, पोस्ट - इनायतनगर, जनपद - अयोध्या* का निवासी हूँ। *महोदय, मैं गांव में मजदूरी करता हूँ, रोज कमाता-खाता हूँ।* अपने परिवार की गरीबी दूर करने के लिए मैं विदेश में मजदूरी करने जाना चाहता था। इसी उम्मीद में मेरी मुलाकात *Dream Success Consultant, SCO No. 115, फेज़-7, मोहाली, पंजाब* के लोगों से हुई। उन्होंने कहा 30 दिन में वीज़ा लगवा देंगे। मैंने उन पर भरोसा कर लिया और दिन-रात मजदूरी करके व कर्ज लेकर कुल *₹70,000/-* रुपये बड़ी मुश्किल से जुटाए और उन्हें दे दिए - - ₹27,000/- अनमोल कुमार के खाते में - ₹3,000/- अरुण पाल सिंह के खाते में - ₹40,000/- नकद उन्होंने *10/08/2026 को शपथ-पत्र* भी दिया था कि काम न हुआ तो पैसा वापस कर देंगे। महोदय, 30 दिन की अवधि *09/09/2026* को खत्म हो गई। न तो मेरा वीज़ा लगा
- Mere papa or bade papa dono ne milkar unki maa ke naam pr zameen li thi or wo mere bade papa ne ma se sign Kara ke bech diya or sare paise khud rakh liye or bataye bhi nhi . Hmare papa Chandigarh rehte the unhe 4 saal baad pata laga doosre se . Unhone ghr pe poocha tb pata laga ki zameen bech diye 10 lakh ki or sb paise kha gye . Ab wo kehte hai ki ma ko apni betiyo ki shadi karni thi unhone zameen bechke unki shadi ki . Paise Jake unse mango . Pr wo jhooth bol rhe hai or . Or ab unki ma b bhi khatam ho gyi hai . To kya koi tarika hai jisse mai apne hisse ke paise pa sakoo
- हमने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से एक सीसी लिमिट बनवा दी 50 लाख की जिसमें प्रॉपर्टी मॉर्टगेज की है, किंतु बिजनेस बंद होने के कारण अब नहीं भर पा रहे हैं ना उसका ब्याज भर पा रहे हैं बैंक वाली ऑपरेशन कर रही है तो क्या करें
- मैने लगभग 30 वर्ष पहले अपने निःसंतान भाई से जमीन रजिस्ट्री कराए थे लेकिन धोखाधड़ी से गांव के ही एक व्यक्ति ने फर्जी वसीयत बनाकर अपने नाम से खारिज दाखिल कराकर खतौनी मे अपना नाम दर्ज करा लिया है अब मौके पर वह जमीन जोत बो रहा है अब मै क्या करु