पति की मौत के बाद क्या ससुर बहू को घर से निकाल कर प्रॉपर्टी बेच सकते हैं


सवाल

मेरे पति का निधन हो चुका है और मैं शादी के बाद से ही अपने ससुराल वाले घर में रह रही हूं जो मेरे ससुर के नाम पर है। अब मेरे ससुर उस घर को बेचना चाहते हैं और मेरे और मेरे बच्चों के रहने का कोई दूसरा इंतजाम भी नहीं कर रहे हैं। मैं जानना चाहती हूं कि एक विधवा बहू होने के नाते मेरा उस संपत्ति पर क्या अधिकार है और क्या वे हमें बेघर कर सकते हैं?

उत्तर (4)


320 votes

कानूनी तौर पर यह मामला संपत्ति के प्रकार पर निर्भर करता है, लेकिन 'रहने का अधिकार' (Right to Residence) आपके पक्ष में एक बहुत मजबूत कानून है। भले ही घर आपके ससुर के नाम पर हो, वे आपको और आपके बच्चों को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क पर नहीं निकाल सकते।

संपत्ति के अधिकार को दो भागों में समझा जा सकता है:

  1. पैतृक संपत्ति (Ancestral Property): अगर वह घर पुश्तैनी है, तो आपके पति का उसमें जन्म से अधिकार था। उनकी मृत्यु के बाद, आप और आपके बच्चे उनके कानूनी वारिस हैं और उस हिस्से के मालिक बन जाते हैं। ससुर आपकी सहमति के बिना इसे नहीं बेच सकते।

  2. स्व-अर्जित संपत्ति (Self-acquired Property): अगर घर ससुर ने अपनी कमाई से खरीदा है, तो कानूनन वे उसे बेचने का पूरा अधिकार रखते हैं। इसमें आप सीधे तौर पर हिस्सेदारी का दावा नहीं कर सकतीं।

लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने सतीश चंद्र आहूजा बनाम स्नेहा आहूजा (2020) के ऐतिहासिक फैसले में यह साफ कर दिया है कि एक बहू को अपने ससुराल यानी 'साझा घर' (Shared Household) में रहने का पूरा अधिकार है, भले ही वह घर ससुर का ही क्यों न हो। वे आपको जबरदस्ती घर से नहीं निकाल सकते।

अगर वे घर बेचना चाहते हैं, तो उन्हें पहले आपके रहने के लिए कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। आप तुरंत 'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम' (Domestic Violence Act) के तहत कोर्ट में आवेदन करें और 'निवास आदेश' (Residence Order) की मांग करें। कोर्ट ससुर को आदेश देगा कि वे आपको घर से न निकालें या फिर आपके लिए किराए के घर और खर्च का इंतजाम करें। साथ ही, 'हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम' (HAMA) की धारा 19 के तहत एक ससुर की जिम्मेदारी है कि वह अपनी विधवा बहू का भरण-पोषण करे अगर उसके पास कमाई का जरिया नहीं है।

63 votes

एक वैवाहिक घर में, पति की मृत्यु के बाद बहू को समान अधिकार प्राप्त होते हैं। वह अपने पति के स्थान पर कदम रखेगी और समता का दावा कर सकती है। पति के निधन के बाद उसे बाहर नहीं फेंका जा सकता। कृपया मुझे और सहायता के लिए कॉल करें।

247 votes

ससुर कानून द्वारा बहू को बनाए रखने के लिए बाध्य है, जिसके पास शेयरधारकों का अधिकार है और यदि संपत्ति पैतृक है तो बच्चों को भी संपत्ति पर विभाजन का दावा करने का अधिकार है, दोनों के लिए एक सक्षम अधिकार क्षेत्र की अदालत में है।

258 votes

2016 में, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने घोषणा की कि एक बहू का अपने सास-ससुर की स्व-अर्जित संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं है। अदालतों ने यह भी फैसला सुनाया है कि एक विधवा बहू को अपनी मर्जी के खिलाफ अपने सास-ससुर की संपत्ति में रहने का कोई अधिकार नहीं है, अगर संपत्ति स्व-अर्जित संपत्ति है। पत्नी का भरण-पोषण पति का व्यक्तिगत दायित्व है। तदनुसार, हिंदू दत्तक ग्रहण और रखरखाव अधिनियम की धारा 4, बेटे की मृत्यु के मामले में बहू के भरण-पोषण के संबंध में किसी भी दायित्व को सास-ससुर की स्व-अर्जित संपत्ति पर नहीं लगाया जा सकता है।


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