एसडीएम के आदेश के खिलाफ अपील कैसे करें
सवाल

उत्तर (3)
अगर एसडीएम ने आपके खिलाफ कोई आदेश दिया है जो आपको गलत लग रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं। खासकर भूमि अधिग्रहण अधिनियम (Land Acquisition Act) की धारा 48 से जुड़े मामले में आपके पास अपील का रास्ता है। चलिए आगे सरल भाषा में कार्रवाई के विकल्प समझते है।
एसडीएम के आदेश के खिलाफ अपील कैसे करें?
सबसे पहले, यह समझें कि एसडीएम का आदेश अंतिम नहीं होता। आप इसके खिलाफ ऊपरी अफसर या कोर्ट में जा सकते हैं। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 (LARR Act) के तहत, अगर अधिसूचना या मुआवजे से दिक्कत है, तो आप पहले जिलाधिकारी (DM) से शिकायत कर सकते हैं। अगर वहाँ बात न बने, तो अगला कदम कोर्ट है।
रिट याचिका कब और कैसे डालें?
अगर आपको लगता है कि एसडीएम का फैसला कानून के खिलाफ है या आपका हक छीना जा रहा है, तो आप हाई कोर्ट में रिट याचिका (writ petition) डाल सकते हैं। यह संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत होता है, जो आपको गलत सरकारी आदेशों के खिलाफ अपील का अधिकार देता है। वकील रिट तैयार करेगा और कोर्ट में आपकी बात रखेगा। यदि आप एक रिट दायर करना चाहते हैं याचिका आप मुझसे संपर्क कर सकते हैं
हेलो मुवक्किल मैं देख सकता हूं कि आपका मामला इस मामले में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आपने कहा है कि एसडीएम ने आपके पक्ष में कोई आदेश पारित नहीं किया है क्योंकि आपकी जमीन भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 48 के तहत अधिग्रहित की गई है, तो इस मामले में किसने सलाह दी है आप भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना रद्द करने के लिए पहले एसडीएम कोर्ट जाएंगे। चूंकि यह शक्ति टीआई एसडीएम के हाथ में भूमि को निरूपित नहीं करती है। इसलिए हमें सीधे उच्च न्यायालय में जाने की आवश्यकता है क्योंकि आप पहले ही एसडीएम अदालत में जा चुके हैं और इस मामले में हमें सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार अन्य धाराओं के साथ रिट में जाने की आवश्यकता है।
अस्वीकरण: उपर्युक्त सवाल और इसकी प्रतिक्रिया किसी भी तरह से कानूनी राय नहीं है क्योंकि यह LawRato.com पर सवाल पोस्ट करने वाले व्यक्ति द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है और LawRato.com में प्रॉपर्टी वकीलों में से एक द्वारा जवाब दिया गया है विशिष्ट तथ्यों और विवरणों को संबोधित करें। आप LawRato.com के वकीलों में से किसी एक से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए अपने तथ्यों और विवरणों के आधार पर अपनी विशिष्ट सवाल पोस्ट कर सकते हैं या अपनी सवाल के विस्तार के लिए अपनी पसंद के वकील के साथ एक विस्तृत परामर्श बुक कर सकते हैं।
प्रॉपर्टी कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सेवा में, *श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय,* *पुलिस कमिश्नरेट, अयोध्या,* *उत्तर प्रदेश।* *विषय: गरीब मजदूर के साथ वीज़ा के नाम पर ₹70,000/- की ऑनलाइन / ऑफलाइन ठगी - FIR दर्ज करने हेतु प्रार्थना।* *मान्यवर,* सादर प्रणाम। मैं *सत्येन्द्र कुमार पुत्र बाबूलाल, निवासी: ग्राम - कोटवा, पोस्ट - इनायतनगर, जनपद - अयोध्या* का निवासी हूँ। *महोदय, मैं गांव में मजदूरी करता हूँ, रोज कमाता-खाता हूँ।* अपने परिवार की गरीबी दूर करने के लिए मैं विदेश में मजदूरी करने जाना चाहता था। इसी उम्मीद में मेरी मुलाकात *Dream Success Consultant, SCO No. 115, फेज़-7, मोहाली, पंजाब* के लोगों से हुई। उन्होंने कहा 30 दिन में वीज़ा लगवा देंगे। मैंने उन पर भरोसा कर लिया और दिन-रात मजदूरी करके व कर्ज लेकर कुल *₹70,000/-* रुपये बड़ी मुश्किल से जुटाए और उन्हें दे दिए - - ₹27,000/- अनमोल कुमार के खाते में - ₹3,000/- अरुण पाल सिंह के खाते में - ₹40,000/- नकद उन्होंने *10/08/2026 को शपथ-पत्र* भी दिया था कि काम न हुआ तो पैसा वापस कर देंगे। महोदय, 30 दिन की अवधि *09/09/2026* को खत्म हो गई। न तो मेरा वीज़ा लगा
- Mere papa or bade papa dono ne milkar unki maa ke naam pr zameen li thi or wo mere bade papa ne ma se sign Kara ke bech diya or sare paise khud rakh liye or bataye bhi nhi . Hmare papa Chandigarh rehte the unhe 4 saal baad pata laga doosre se . Unhone ghr pe poocha tb pata laga ki zameen bech diye 10 lakh ki or sb paise kha gye . Ab wo kehte hai ki ma ko apni betiyo ki shadi karni thi unhone zameen bechke unki shadi ki . Paise Jake unse mango . Pr wo jhooth bol rhe hai or . Or ab unki ma b bhi khatam ho gyi hai . To kya koi tarika hai jisse mai apne hisse ke paise pa sakoo
- हमने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से एक सीसी लिमिट बनवा दी 50 लाख की जिसमें प्रॉपर्टी मॉर्टगेज की है, किंतु बिजनेस बंद होने के कारण अब नहीं भर पा रहे हैं ना उसका ब्याज भर पा रहे हैं बैंक वाली ऑपरेशन कर रही है तो क्या करें
- मैने लगभग 30 वर्ष पहले अपने निःसंतान भाई से जमीन रजिस्ट्री कराए थे लेकिन धोखाधड़ी से गांव के ही एक व्यक्ति ने फर्जी वसीयत बनाकर अपने नाम से खारिज दाखिल कराकर खतौनी मे अपना नाम दर्ज करा लिया है अब मौके पर वह जमीन जोत बो रहा है अब मै क्या करु