क्या अवैध निर्माण को रोकने के लिए अदालत से स्टे आर्डर प्राप्त किया जा सकता है


सवाल

मैंने दिल्ली के पिन कोड 110045 वाले क्षेत्र में एक फ्लैट खरीदा है लेकिन विक्रेता वहां अवैध तरीके से भवन का निर्माण कर रहा है तो मैं किस प्रकार कानूनी रूप से स्थगन आदेश प्राप्त कर सकता हूँ ताकि समस्या का समाधान होने तक निर्माण कार्य को पूरी तरह रोका जा सके?

उत्तर (3)


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हाँ, आप अवैध निर्माण को रुकवाने के लिए अदालत से स्थगन आदेश (Stay Order) प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको संबंधित नगर निगम (Municipal Corporation) को एक लिखित शिकायत देनी चाहिए। दिल्ली के मामले में आप दिल्ली नगर निगम (MCD) के पास अनधिकृत निर्माण की शिकायत दर्ज कराएं। आप सूचना का अधिकार (Right to Information) के तहत एक आवेदन भी लगा सकते हैं, जिसमें उस भवन के स्वीकृत नक्शे और निर्माण की वैधता की जानकारी मांगी गई हो।

नगर निगम से प्राप्त जवाब या शिकायत की प्रति के आधार पर आप सक्षम दीवानी न्यायालय (Civil Court) में एक दीवानी मुकदमा (Civil Suit) दायर कर सकते हैं। इस मुकदमे के साथ आपको आदेश ३९ नियम १ और २ नागरिक प्रक्रिया संहिता (Code of Civil Procedure) के तहत एक आवेदन देना होगा, जिसमें अस्थायी निषेधाज्ञा (Temporary Injunction) की मांग की गई हो। यदि अदालत को लगता है कि निर्माण वास्तव में अवैध है और इससे आपके अधिकारों का हनन हो रहा है, तो वह निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगा सकती है।

अदालत में मामला ले जाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके पास फ्लैट की खरीद से संबंधित सभी दस्तावेज और अवैध निर्माण के फोटो या वीडियो साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं। भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) के दौर में भी संपत्ति से जुड़े नागरिक विवादों में प्रक्रियात्मक नियमों का पालन करना अनिवार्य है। आप पुलिस को भी इसकी सूचना दे सकते हैं ताकि मौके पर शांति बनी रहे और अदालती आदेश का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अवैध निर्माण न केवल सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है, बल्कि भविष्य में सरकारी अधिकारियों द्वारा इसे ध्वस्त (Demolition) भी किया जा सकता है। इसलिए, समय रहते निषेधाज्ञा (Injunction) प्राप्त करना आपके निवेश को सुरक्षित रखने का सबसे बेहतर तरीका है। एक बार जब अदालत स्थगन आदेश जारी कर देती है, तो विक्रेता कानूनी रूप से निर्माण कार्य जारी रखने का हकदार नहीं रहता और उल्लंघन करने पर उसे अदालती अवमानना (Contempt of Court) का सामना करना पड़ सकता है।

126 votes

संपत्ति के अनधिकृत निर्माण के संबंध में एमसीडी को तत्काल शिकायत करें। एमसीडी के पास आरटीआई फाइल करें और अनधिकृत निर्माण पर उनकी प्रतिक्रिया मांगें। इस प्रतिक्रिया के साथ एक दीवानी मुकदमा दायर करें और कानून की अदालत में एमसीडी को दी गई शिकायतें। निषेधाज्ञा के लिए आवेदन दाखिल करके रोक लें।

229 votes

हैलो क्लाइंट, जैसा कि मैं देख सकता हूं कि आपका मुद्दा वास्तव में बहुत जटिल है, मैं इस संबंध में सहमत हूं कि आपको निर्माण पर रोक के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय जाने की आवश्यकता है जो कि वैधता में अवैध है। आपको अवैध निर्माण के खिलाफ स्टे देने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर करने की आवश्यकता है।


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