गोद लिए गए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें


सवाल

मेरे चाचा ने 3 साल पहले दिल्ली में अपने एक रिश्तेदार के दोस्त से बिना किसी कानूनी औपचारिकता के एक लड़के को गोद लिया था। उनके पास बच्चे का मूल जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) नहीं है और अब उस व्यक्ति से भी संपर्क टूट गया है जिसने बच्चे को गोद दिया था। स्कूल प्रवेश और अन्य समस्याओं से बचने के लिए जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने और चाचा-चाची को बच्चे का कानूनी अभिभावक बनाने के लिए क्या करना चाहिए?

उत्तर (1)


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आपके चाचा द्वारा बच्चे को गोद लेने की यह प्रक्रिया कानूनी रूप से वैध नहीं है क्योंकि इसमें 'गोद लेने का विलेख' (Adoption Deed) या न्यायालय का आदेश (Court Order) शामिल नहीं है। ऐसे में, बच्चे को कानूनी सुरक्षा और अधिकार दिलाने के लिए आपको तुरंत निम्नलिखित दो चरण पूरे करने होंगे:

चरण 1: कानूनी रूप से माता पिता बनना

चूंकि बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम के तहत नहीं हुई है, इसलिए अब आपके चाचा-चाची को कानूनी अभिभावक बनने के लिए न्यायालय जाना होगा:

  1. याचिका दायर करना: आपके चाचा-चाची को 'अभिभावक और प्रतिपाल्य अधिनियम, 1890' (Guardians and Wards Act, 1890) के तहत परिवार न्यायालय (Family Court) में बच्चे की 'अभिभावकता' (Guardianship) के लिए याचिका दायर करनी होगी।

  2. कानूनी सत्यापन: कोर्ट इस बात की जाँच करेगा कि चाचा-चाची बच्चे के लिए सबसे उपयुक्त अभिभावक हैं और यह कदम बच्चे के हित (Best Interest of the Child) में है।

  3. अभिभावकता आदेश (Guardianship Order): न्यायालय एक आदेश जारी करेगा जिसके तहत चाचा-चाची बच्चे के कानूनी अभिभावक बन जाएंगे। यह आदेश उन्हें स्कूल प्रवेश, बैंक खाते खोलने और कानूनी दस्तावेज बनवाने का अधिकार देगा।

चरण 2: जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करना

बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त करने या उसमें दत्तक माता-पिता का नाम जोड़ने की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. देर से पंजीकरण (Delayed Registration) का आवेदन: आप दिल्ली नगर निगम (MCD) के संबंधित अधिकारी को 'जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969' के तहत आवेदन दे सकते हैं।

    • चूंकि बच्चे का जन्म 3 साल पहले हुआ है और पंजीकरण नहीं हुआ है, इसलिए प्राधिकरण पहले जाँच करेगा।

    • चूंकि जैविक माता-पिता उपलब्ध नहीं हैं, तो यह प्रक्रिया जटिल हो सकती है।

  2. मजिस्ट्रेट से आदेश (Magistrate's Order): अगर नगर निगम आवेदन स्वीकार नहीं करता है, तो आपको प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट (First Class Magistrate) के पास जाना होगा। कोर्ट बच्चे के जन्म का स्थान, संभावित तारीख और अन्य सभी साक्ष्य (जैसे अस्पताल से छुट्टी का पर्चा, अगर उपलब्ध हो) की जाँच करेगा। मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही बच्चे का नया जन्म प्रमाण पत्र जारी हो सकता है।

  3. नाम में सुधार (Correction in Name): एक बार जब चाचा-चाची कानूनी अभिभावक बन जाते हैं और जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाता है, तो वे कोर्ट के अभिभावकता आदेश का उपयोग करके जन्म प्रमाण पत्र में अपने नाम को माता-पिता के रूप में दर्ज करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आपके चाचा को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे कोर्ट में बच्चे की वास्तविक कहानी छिपाएँ नहीं और हर कार्रवाई अभिभावकता आदेश के तहत ही करें।


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