क्या स्टाम्प पेपर पर लिखी गई शादी या वादा कानूनी रूप से मान्य है


सवाल

मेरी उम्र पच्चीस वर्ष है और मेरी प्रेमिका बीस वर्ष की है। मैं अभी आर्थिक रूप से स्थिर नहीं हूं इसलिए अभी शादी नहीं कर सकता लेकिन मेरी प्रेमिका के घरवाले उस पर जबरदस्ती किसी और से शादी करने का दबाव बना रहे हैं और उसे कमरे में बंद कर दिया है। मैं जानना चाहता हूं कि अगर हम स्टाम्प पेपर पर शादी का वादा लिख लें या नोटरी पर शादी कर लें तो क्या यह कानूनन मान्य होगा और क्या इससे मैं उसकी जबरदस्ती शादी रुकवा सकता हूं?

उत्तर (4)


346 votes

जी नहीं, स्टाम्प पेपर पर लिखी गई शादी या शादी का वादा कानून की नजर में बिल्कुल भी मान्य नहीं है। भारतीय कानून में तथाकथित 'नोटरी मैरिज' (Notary Marriage) या स्टाम्प पेपर पर किए गए करार की कोई वैधता नहीं है। यह केवल एक कागज का टुकड़ा है जो कोर्ट में शादी के सबूत के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act) के अनुसार, शादी तभी वैध मानी जाती है जब वह पारंपरिक रीति-रिवाजों (जैसे सात फेरे) के साथ हुई हो या फिर 'विशेष विवाह अधिनियम' (Special Marriage Act) के तहत कोर्ट में रजिस्टर हुई हो। स्टाम्प पेपर पर साइन करने से आप पति-पत्नी नहीं बन जाते और न ही इस कागज के आधार पर आप उसकी दूसरी शादी रुकवा सकते हैं।

कानूनन, 'विवाह में बाधा डालने वाला समझौता' (Agreement in Restraint of Marriage) अमान्य यानी 'शून्य' (Void) होता है। इसका मतलब है कि अगर आपकी प्रेमिका स्टाम्प पेपर पर लिखकर भी दे दे कि वह सिर्फ आपसे शादी करेगी, तो भी कानून उसे बाध्य नहीं कर सकता।

हालांकि, आपकी समस्या का समाधान स्टाम्प पेपर नहीं, बल्कि कानून है। आपकी प्रेमिका 20 साल की है और 'बालिग' (Adult) है। उसे जबरदस्ती कमरे में बंद करना 'सदोष परिरोध' (Wrongful Confinement) का अपराध है। नई 'भारतीय न्याय संहिता' (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की धारा 127 के तहत यह दंडनीय है।

अगर उसके घरवाले जबरदस्ती शादी करा रहे हैं, तो आप पुलिस में शिकायत कर सकते हैं या हाई कोर्ट में 'बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका' (Habeas Corpus Petition) दायर कर सकते हैं। कोर्ट पुलिस को आदेश देगा कि लड़की को पेश किया जाए और उसकी मर्जी पूछी जाए। बालिग होने के नाते उसे अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुनने का पूरा हक है।

271 votes

नहीं, क्योंकि वह अब बालिग हो चुकी है और अपने परिवार के दबाव या किसी और तरीके से कुछ भी कर सकती है। लगभग आप दोनों वयस्क हैं और आप दोनों पंजीकरण के माध्यम से या हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कर सकते हैं। इस संबंध में स्टाम्प पेपर का सत्यापन किसी भी कानून के समक्ष नहीं है।

333 votes

स्टांप पेपर पर शादी की सहमति मान्य नहीं है। आप एक महीने का नोटिस देकर विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी कर सकते हैं और अंतिम हस्ताक्षर के समय आपको तीन गवाहों की आवश्यकता होती है, आपके माता-पिता की सहमति की आवश्यकता नहीं है।

176 votes

विवाह समझौता वैध नहीं है। यह कानून के अनुसार लागू नहीं किया जा सकता है। आपके लिए विशेष विवाह अधिनियम के प्रावधान के तहत उससे शादी करना बेहतर होगा। भारत में हर कोई अपनी पसंद के अनुसार शादी करने के लिए स्वतंत्र है। कोई भी उसे उसकी पसंद के खिलाफ किसी विशेष व्यक्ति से शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।


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