अगर बहू सास को मानसिक रूप से प्रताड़ित करे और घर से निकालना चाहे तो क्या करें


सवाल

मेरी माँ एक विधवा हैं और वे अपने इकलौते बेटे (मेरे भाई) पर निर्भर हैं। मेरा भाई तो माँ को साथ रखना चाहता है, लेकिन मेरी भाभी उन्हें लगातार गाली देती हैं और मानसिक रूप से परेशान करती हैं ताकि माँ घर छोड़कर चली जाएं। भाई अपनी पत्नी को समझा नहीं पा रहा है। मैं खुद शादीशुदा हूँ और अपनी सास की जिम्मेदारी उठा रही हूँ। मेरी माँ को इस मानसिक तनाव से बचाने के लिए क्या कानूनी अधिकार हैं?

उत्तर (3)


261 votes

हाँ, आपकी माताजी के पास अपनी सुरक्षा के लिए कई कानूनी रास्ते हैं। किसी भी बुजुर्ग महिला को उनके बेटे के घर में सम्मान से रहने का पूरा अधिकार है और बहू उन्हें वहां से निकाल नहीं सकती।

आपकी माँ ये कदम उठा सकती हैं:

  • माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम (Senior Citizens Act): इस कानून के तहत आपकी माँ ट्रिब्यूनल (S.D.M. कोर्ट) में शिकायत कर सकती हैं। अगर बहू उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करती है, तो कोर्ट बहू को घर से बाहर निकलने का आदेश दे सकता है ताकि माँ शांति से रह सकें। बुजुर्गों के लिए यह सबसे तेज़ कानूनी रास्ता है।

  • घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम (DV Act): अक्सर लोग सोचते हैं कि यह कानून सिर्फ पत्नियों के लिए है, लेकिन एक सास भी अपनी बहू के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज करा सकती है। इसमें कोर्ट माँ को उसी घर में रहने का अधिकार (Right to Residence) देगा और बहू को माँ को परेशान करने से रोकने का आदेश (Protection Order) देगा।

  • पुलिस और महिला सेल (CAW Cell): माँ अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या महिला सेल में बहू के खिलाफ गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दे सकती हैं। पुलिस दोनों को बुलाकर समझाएगी, जिससे बहू पर कानूनी दबाव बनेगा।

  • भाई की जिम्मेदारी: चूँकि आपका भाई अपनी माँ को साथ रखना चाहता है, इसलिए उसे भी अपनी माँ का साथ देना चाहिए। वह कोर्ट में यह बयान दे सकता है कि उसकी माँ उसके साथ ही रहेंगी और पत्नी उन्हें परेशान कर रही है।

मेरी सलाह है कि सबसे पहले भाभी को वकील के जरिए एक कानूनी चेतावनी (Legal Notice) भिजवाएं। कई बार कानून का डर ही ऐसी समस्याओं को सुलझा देता है।

53 votes

वह अपनी बहू के खिलाफ महिला प्रकोष्ठ या नजदीकी पुलिस थाने में अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार और प्रताड़ना की शिकायत दर्ज करा सकती है। सेल दोनों पक्षों की काउंसिलिंग कर व्यवस्था करेगी। यदि समाधान नहीं होता है तो मां उपचार के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकती है।

304 votes

आदरणीय प्रश्नकर्ता, प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक के पास एक सेल है जहां वे रिपोर्ट कर सकते हैं और अपनी शिकायत बता सकते हैं और राहत भी जल्द ही प्राप्त की जा सकती है ... क्योंकि प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को रखरखाव का दावा करने का अधिकार है .... कृपया किसी भी अन्य प्रश्न और सहायता के लिए कॉल करें ... .


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