बहू ससुराल वालों को परेशान करे और झूठे केस की धमकी दे तो क्या करें
सवाल
उत्तर (4)
यह एक बहुत ही संवेदनशील मामला है क्योंकि इसमें आपके माता-पिता की सुरक्षा और झूठे केस का डर दोनों शामिल हैं। सबसे पहले आपको अपने बचाव के लिए स्थानीय पुलिस थाने या पुलिस अधीक्षक (SP) को एक लिखित शिकायत देनी चाहिए। इसमें साफ लिखें कि आपकी भाभी आपको धमका रही हैं और भविष्य में अगर वह कोई भी झूठा केस करती हैं, तो उसे बदले की भावना से की गई कार्रवाई माना जाए। इसे 'सनहा' (General Diary Entry) दर्ज करवाना कहते हैं जो कोर्ट में आपके निर्दोष होने का सबूत बनेगा।
अगर आपके माता-पिता की उम्र 60 वर्ष से अधिक है और घर उनके नाम पर है, तो उनके पास बहुत शक्तिशाली अधिकार हैं। वे 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' (Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act) के तहत जिला मजिस्ट्रेट (DM) के पास शिकायत कर सकते हैं। इस कानून के तहत ट्रिब्यूनल न केवल उन्हें सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि अगर जरूरत पड़ी तो बेटे और बहू को घर से बेदखल (Evict) करने का आदेश भी दे सकता है। कोर्ट ने कई फैसलों में कहा है कि बुजुर्ग माता-पिता को शांति से जीने का अधिकार है।
जहां तक बच्चे के साथ मारपीट का सवाल है, यह 'किशोर न्याय अधिनियम' (Juvenile Justice Act) के तहत अपराध है। आप इसकी सूचना पुलिस या 'चाइल्ड हेल्पलाइन' (1098) को दे सकते हैं। अगर भाभी अलग रहना चाहती हैं और भाई तैयार नहीं है, तो यह उनका निजी मामला है, लेकिन माता-पिता को अपनी शांति के लिए उन्हें घर से जाने को कहने का पूरा हक है।
आपके प्रश्न से, यह स्पष्ट नहीं है कि किस प्रकार का उपाय और किसको उपाय की आवश्यकता है, यह स्पष्ट नहीं है। किसी भी तरह से मैं एक सामान्य उत्तर दे रहा हूँ। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम *(SEC.22) के प्रावधानों के अनुसार संबंधित जिला मजिस्ट्रेट या इस अधिनियम के तहत अधिकृत कोई भी अधिकारी उचित कार्रवाई कर सकता है, अगर इसकी शिकायत माता-पिता / वरिष्ठ नागरिकों द्वारा की जाती है।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
परिवार कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सर, हमारे दादाजी अलग हैं, गोत्र अलग है और पूरा खानदान अलग है। मेरी दादी और लड़के की दादी सगी बहनें थीं, लेकिन वे अलग-अलग परिवारों में ब्याही गई थीं। क्या हिंदू मैरिज एक्ट (HMA, 1955) के तहत हमारी शादी कानूनी तौर पर वैध (Valid) है?" [HMA, 1955]
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- Ji mera name hiralal hai or mujhe document problem hai main surat Sahar main raheta hu leki main janm Uttar Pradesh main hua hai or vaha par mera name nimar tha lekin surat ke sabhi document main Hiralal hai lekin kheti ke dastavej main nimar hai ise sahi kese karu or abhi sir fom bhi fara ja raha hai or main problem main hu ki kis main aapna name sahi karu sath main papa ka name main bhi problem hai main surat main hi hu or sabhi document main bhi hiralal kada hai liki kheti ka dastavej main nimar hai Please help me