परिजन हमारे पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं लौटा रहे हैं। इसे कैसे प्राप्त करें
सवाल
मेरे पिता का निधन भारत में एक रिश्तेदार के घर पर हुआ था। उनके रिश्तेदारों ने मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) अपने पास रख लिया है और एक साल से मांगने पर भी नहीं लौटा रहे हैं। वे सोचते हैं कि इस प्रमाण पत्र से हमें सिंगापुर में बहुत पैसा मिलेगा। मुझे सिंगापुर में जरूरी कामों के लिए इसकी तुरंत आवश्यकता है। क्या मैं रिश्तेदारों पर निर्भर रहे बिना इसे खुद प्राप्त कर सकता हूँ?
उत्तर (1)
आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि कानूनन आप अपने पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र की दूसरी कॉपी (Duplicate Copy) सीधे सरकारी दफ्तर से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको उन रिश्तेदारों पर निर्भर रहने या उनसे विनती करने की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत में जन्म और मृत्यु का पंजीकरण एक सार्वजनिक रिकॉर्ड होता है, और मृतक का कोई भी कानूनी वारिस उचित शुल्क देकर इसकी अतिरिक्त प्रतियां निकलवा सकता है।
चूंकि आपके पिता की मृत्यु को एक साल हो चुका है, इसलिए उनका रिकॉर्ड उस क्षेत्र के नगर निगम (Municipal Corporation), नगर पालिका या ग्राम पंचायत के रजिस्टर में दर्ज हो चुका होगा। आप उस क्षेत्र के जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार (Registrar of Births and Deaths) के पास जाकर एक आवेदन पत्र भर सकते हैं। इस आवेदन में आपको पिता का नाम, मृत्यु की तारीख और स्थान की जानकारी देनी होगी। एक मामूली सरकारी शुल्क जमा करने के बाद, आपको प्रमाण पत्र की आधिकारिक प्रति जारी कर दी जाएगी।
आजकल भारत के लगभग सभी राज्यों में यह सुविधा ऑनलाइन भी उपलब्ध है। आप संबंधित राज्य के 'ई-डिस्ट्रिक्ट' (e-District) या नगर निगम की वेबसाइट पर जाकर पिता के विवरण से रिकॉर्ड खोज सकते हैं और डिजिटल हस्ताक्षरित (Digitally Signed) प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। यह डिजिटल कॉपी उतनी ही मान्य होती है जितनी मूल कॉपी। सिंगापुर में इस्तेमाल के लिए आपको इस प्रमाण पत्र को भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) से अटेस्ट या अपोस्टिल (Apostille) करवाना पड़ सकता है।
यदि आपके लिए भारत आना संभव नहीं है, तो आप भारत में रहने वाले किसी भरोसेमंद व्यक्ति या वकील को एक अधिकार पत्र (Authorization Letter) देकर अपनी ओर से यह प्रमाण पत्र निकालने के लिए अधिकृत कर सकते हैं। रिश्तेदारों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करना एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है, इसलिए सरकारी दफ्तर से नई कॉपी निकलवाना सबसे तेज और आसान तरीका है।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
परिवार कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सर, हमारे दादाजी अलग हैं, गोत्र अलग है और पूरा खानदान अलग है। मेरी दादी और लड़के की दादी सगी बहनें थीं, लेकिन वे अलग-अलग परिवारों में ब्याही गई थीं। क्या हिंदू मैरिज एक्ट (HMA, 1955) के तहत हमारी शादी कानूनी तौर पर वैध (Valid) है?" [HMA, 1955]
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- Ji mera name hiralal hai or mujhe document problem hai main surat Sahar main raheta hu leki main janm Uttar Pradesh main hua hai or vaha par mera name nimar tha lekin surat ke sabhi document main Hiralal hai lekin kheti ke dastavej main nimar hai ise sahi kese karu or abhi sir fom bhi fara ja raha hai or main problem main hu ki kis main aapna name sahi karu sath main papa ka name main bhi problem hai main surat main hi hu or sabhi document main bhi hiralal kada hai liki kheti ka dastavej main nimar hai Please help me