पत्नी को अधिकतम और न्यूनतम गुजारा भत्ता (Maintenance) कितना मिलता हैं?
सवाल
उत्तर (4)
भारतीय क़ानून में मेंटेनेंस के लिए कोई तय "अधिकतम" या "न्यूनतम" राशि नहीं है। यह पूरी तरह से अदालत के विवेक पर निर्भर करता है। कोर्ट आपकी सैलरी, आपकी पत्नी और बच्चों की ज़रूरतें, और आपके रहने के स्तर को देखकर ही गुजारा भत्ते की राशि तय करती है।
आमतौर पर, कोर्ट आपकी कुल आय का एक-तिहाई (1/3) से आधा (1/2) हिस्सा मेंटेनेंस के लिए तय करती है, लेकिन ये कोई तय नियम नहीं है। आपके मामले में ₹63,000 की तनख्वाह पर ₹20,000 से ₹25,000 तक कुल भरण-पोषण तय होना संभव है, हालाँकि यह अदालत की विवेकाधीन शक्ति पर निर्भर करेगा।
आप नौकरी छोड़ देंगे तो भी भरण-पोषण से बच नहीं पाएँगे। अदालत आपकी कमाने की क्षमता देखेगी, न कि केवल मौजूदा वेतन। यदि अदालत को लगे कि आपने जानबूझकर नौकरी छोड़ी है ताकि भुगतान से बच सकें, तो यह आपके खिलाफ जा सकता है। आप अच्छे पारिवारिक मामलों के वकील से मिलें, वह आपके केस के हिसाब से आपको सही सलाह देंगे।
नमस्ते आपके प्रश्न के अनुसार आपकी नौकरी के बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है और सम्मन उनका बचाव करते हैं अदालत उन सभी सबूतों को देखेगी जो उन्होंने पेश किए थे और तदनुसार वे रखरखाव के आदेश जारी करेंगे, एक वकील को किराए पर लेंगे और तदनुसार जवाब दाखिल करेंगे जो उन्होंने अपनी याचिका में कहा था। आगे स्पष्टीकरण आप किसी भी समय कॉल कर सकते हैं।
महोदय, आपका प्रश्न स्पष्ट नहीं है क्योंकि आपकी पत्नी ने आपके खिलाफ डीवीसी और अब रखरखाव का मामला दायर किया है। क्या आपने पहले ही नौकरी से इस्तीफा दे दिया है? और क्या आपकी पत्नी कमा रही है? न्यायालय के विवेक पर कानून की नजर में कोई अधिकतम और न्यूनतम रखरखाव नहीं है। आम तौर पर अदालतें पति के वेतन का 1/3 हिस्सा भरण-पोषण के रूप में देती हैं यदि पत्नी इसके लिए अदालत में याचिका दायर करती है और यह शुद्ध वेतन अदालत के भरण-पोषण पर आपके वेतन में कटौती के बाद है।
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परिवार कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सर, हमारे दादाजी अलग हैं, गोत्र अलग है और पूरा खानदान अलग है। मेरी दादी और लड़के की दादी सगी बहनें थीं, लेकिन वे अलग-अलग परिवारों में ब्याही गई थीं। क्या हिंदू मैरिज एक्ट (HMA, 1955) के तहत हमारी शादी कानूनी तौर पर वैध (Valid) है?" [HMA, 1955]
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- Ji mera name hiralal hai or mujhe document problem hai main surat Sahar main raheta hu leki main janm Uttar Pradesh main hua hai or vaha par mera name nimar tha lekin surat ke sabhi document main Hiralal hai lekin kheti ke dastavej main nimar hai ise sahi kese karu or abhi sir fom bhi fara ja raha hai or main problem main hu ki kis main aapna name sahi karu sath main papa ka name main bhi problem hai main surat main hi hu or sabhi document main bhi hiralal kada hai liki kheti ka dastavej main nimar hai Please help me