कोर्ट में केस फाइल होने के कितने दिन बाद दूसरी पार्टी को समन या नोटिस मिलता है


सवाल

मैंने पारिवारिक न्यायालय में एक मुकदमा दायर किया है और मैं यह जानना चाहता हूं कि केस फाइल होने के बाद अदालत द्वारा दूसरी पार्टी को बुलावा यानी समन भेजने में कितना समय लगता है? क्या इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा तय है?

उत्तर (3)


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सामान्य तौर पर, कोर्ट में केस फाइल करने और दूसरी पार्टी को 'समन' (Summons) मिलने के बीच लगभग पंद्रह से बीस दिन का समय लग जाता है। यह समय इस बात पर निर्भर करता है कि आपके वकील ने केस किस तरह से फाइल किया है।

अगर आपके मामले में कोई बहुत ज्यादा जल्दबाजी है या आपने किसी 'अंतरिम आदेश' (Interim Order) की मांग की है, जैसे कि स्टे ऑर्डर या बच्चे की कस्टडी, तो कोर्ट आपके केस की सुनवाई अगले ही दिन कर सकता है। ऐसे मामलों में जज साहब तुरंत नोटिस जारी करने का आदेश दे देते हैं और समन एक हफ्ते के भीतर पहुंच सकता है।

लेकिन अगर यह एक सामान्य प्रक्रिया वाला केस है, तो पहले कोर्ट का रजिस्ट्री विभाग आपकी फाइल की जांच करता है कि उसमें कोई कमी तो नहीं है। सब कुछ सही होने पर केस को जज के सामने पहली सुनवाई के लिए लगाया जाता है, जिसमें आमतौर पर सात दिन लग जाते हैं। जज द्वारा केस स्वीकार करने के बाद ही समन जारी होता है।

समन जारी होने के बाद आपको कोर्ट में 'प्रक्रिया शुल्क' (Process Fee) जमा करना होता है। इसके बाद कोर्ट 'पंजीकृत डाक' (Registered Post) या स्पीड पोस्ट के जरिए नोटिस भेजता है। कई बार डाक विभाग की देरी या पता सही न होने के कारण इसे पहुंचने में ज्यादा समय भी लग सकता है। आजकल व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिए भेजे गए नोटिस को भी कोर्ट मान्यता देने लगा है।

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एक बार मामला दर्ज होने के बाद, यदि कोई अंतरिम आदेश मांगा जाता है, तो मामले को अगले कार्य दिवस पर सूचीबद्ध किया जाएगा और तुरंत समन जारी किया जाएगा। यदि अंतरिम आदेश की मांग नहीं की जाती है तो फाइलिंग से 15 दिनों के भीतर एक तारीख दी जाएगी और उस तारीख को समन जारी किया जाएगा।

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एक बार जब नया मामला अदालत के समक्ष पोस्ट किया जाता है और उसी दिन अदालत समन जारी करने का आदेश देगी, जिसमें विरोधी को अदालत में तय तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया जाएगा और आमतौर पर अदालत आदेश की तारीख से 30 दिनों के बाद की तारीख देगी। और कुछ अदालतें 40 दिन भी देंगी।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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