क्या शादी के बाद SC जाति की पत्नी SC/ST एक्ट का इस्तेमाल कर सकती है?


सवाल

अगर मैं SC (अनुसूचित जाति) की लड़की से शादी करता हूँ, तो शादी के बाद उसका नाम और सरनेम (surname) बदल जाएगा, तो क्या उसे अब भी SC/ST एक्ट या अल्पसंख्यक आयोग से मिलने वाले अधिकार मिलेंगे? क्या वो शादी के बाद अत्याचार का केस कर सकती है?

उत्तर (3)


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हाँ, वो अब भी SC/ST एक्ट के तहत केस कर सकती है। किसी का नाम या सरनेम बदलने से जाति नहीं बदलती। अगर आपकी पत्नी जन्म से अनुसूचित जाति की है, तो उसे उस जाति से जुड़े सारे कानूनी अधिकार मिलते रहेंगे।

इसका मतलब ये है कि अगर शादी के बाद उसके साथ जाति के आधार पर गलत व्यवहार या भेदभाव होता है, तो वो अत्याचार अधिनियम (SC/ST Act) के तहत केस दर्ज करा सकती है।

आपकी पत्नी को तो ये सारे अधिकार मिलते हैं, लेकिन आप या आपकी अगली पीढ़ी को इसका फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि आपकी जाति अलग है। अगर वो इस कानून का गलत इस्तेमाल करे, तो आपको कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा।

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नमस्कार, जिस क्षण उसने आपसे विवाह किया और आपका नाम और उपनाम अपनाया, उसी क्षण उसने अनुसूचित जाति के तहत अपने सभी अधिकार त्याग दिए। वह इसके तहत किसी भी अधिकार का दावा नहीं कर सकती। हालाँकि वह कुछ छूटों के अधीन कुछ अधिकारों को लागू करने में सक्षम हो सकती है।


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