क्या 19 साल की लड़की अपनी मर्जी से माता-पिता को छोड़कर अलग रह सकती है
सवाल
मैं दिल्ली में रहती हूं और मेरी उम्र उन्नीस वर्ष है। मेरे माता-पिता के साथ मेरे संबंध ठीक नहीं हैं इसलिए मैं घर छोड़कर अलग रहना चाहती हूं। मेरा एक दोस्त इसमें मेरी मदद कर रहा है। मैं जानना चाहती हूं कि क्या कानूनन मैं ऐसा कर सकती हूं और क्या मेरे माता-पिता मेरे या मेरे उस दोस्त के खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई कर सकते हैं?
उत्तर (5)
जी हां, भारतीय कानून के अनुसार उन्नीस वर्ष की उम्र में आप पूरी तरह से 'बालिग' (Adult) हैं। संविधान का अनुच्छेद 21 आपको अपनी मर्जी से कहीं भी रहने और अपना जीवन जीने की पूरी आजादी देता है। कानूनन, कोई भी आपको आपकी इच्छा के विरुद्ध घर में नहीं रोक सकता, चाहे वे आपके माता-पिता ही क्यों न हों।
हालांकि, व्यावहारिक रूप से एक बड़ी समस्या आ सकती है। जब आप घर छोड़कर जाएंगी, तो आपके माता-पिता पुलिस थाने में आपकी 'गुमशुदगी' (Missing Person) की रिपोर्ट या आपके दोस्त के खिलाफ 'अपहरण' (Kidnapping) का झूठा मुकदमा दर्ज करवा सकते हैं। नई 'भारतीय न्याय संहिता' (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की धारा 137 के तहत यह एक गंभीर आरोप बन सकता है।
अपने और अपने दोस्त के बचाव के लिए आपको घर छोड़ने से पहले या तुरंत बाद एक बहुत जरूरी कदम उठाना होगा। आप अपने स्थानीय पुलिस थाने में एक लिखित सूचना या 'सन्हा' (Informatory Petition) दें। इसमें स्पष्ट लिखें कि आप बालिग हैं और अपनी मर्जी से, बिना किसी दबाव के घर छोड़ रही हैं।
आप अपने आधार कार्ड और उम्र के सबूत के साथ पुलिस को सूचित करें कि आपके दोस्त का इसमें कोई गलत हाथ नहीं है। एक बार पुलिस को यह बयान देने के बाद, आपके माता-पिता द्वारा दर्ज कराया गया कोई भी झूठा केस कोर्ट या पुलिस जांच में टिक नहीं पाएगा।
जहां तक कानून का सवाल है आप बड़े हैं और लेने में सक्षम हैं। आपके अपने निर्णय और स्वतंत्र रूप से घूम सकते हैं, लेकिन एक व्यावहारिक व्यक्ति होने के नाते मैं आपको ऐसा कोई भी कार्य नहीं करने का सुझाव दूंगा जो आपको और आपके मित्र को भविष्य में परेशान कर सके। इस बात की पूरी संभावना है कि आपके माता-पिता आपके दोस्त के खिलाफ अपहरण की शिकायत दर्ज कराएंगे। इसलिए ऐसा कोई कृत्य न करें।
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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।
परिवार कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- सर, हमारे दादाजी अलग हैं, गोत्र अलग है और पूरा खानदान अलग है। मेरी दादी और लड़के की दादी सगी बहनें थीं, लेकिन वे अलग-अलग परिवारों में ब्याही गई थीं। क्या हिंदू मैरिज एक्ट (HMA, 1955) के तहत हमारी शादी कानूनी तौर पर वैध (Valid) है?" [HMA, 1955]
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- Ji mera name hiralal hai or mujhe document problem hai main surat Sahar main raheta hu leki main janm Uttar Pradesh main hua hai or vaha par mera name nimar tha lekin surat ke sabhi document main Hiralal hai lekin kheti ke dastavej main nimar hai ise sahi kese karu or abhi sir fom bhi fara ja raha hai or main problem main hu ki kis main aapna name sahi karu sath main papa ka name main bhi problem hai main surat main hi hu or sabhi document main bhi hiralal kada hai liki kheti ka dastavej main nimar hai Please help me