सास-ससुर द्वारा मारपीट और गहने छीनने पर क्या कानूनी कार्यवाही करें


सवाल

मेरी शादी 2011 में हुई थी। शुरुआत में मेरी सास मेरी पूरी तनख्वाह ले लेती थीं। जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद मैंने नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद सास-ससुर मुझ पर काम करने का दबाव बनाने लगे और मेरे साथ मारपीट की। उन्होंने मेरे सारे गहने भी छीन लिए हैं और अब मैं अपने मायके आ गई हूं। मैं अपने ससुराल वालों के खिलाफ क्या कदम उठा सकती हूं? साथ ही, अगर मैं बच्चों की कस्टडी नहीं रखना चाहती, तो मुझे क्या करना चाहिए?

उत्तर (3)


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आपके साथ जो व्यवहार हुआ है, वह कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। चूंकि आपके ससुराल वालों ने आपके साथ मारपीट की और आपके गहने (स्त्रीधन) छीन लिए हैं, इसलिए आप उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 86 के तहत क्रूरता (Cruelty) का मामला दर्ज करा सकती हैं। यह कानून पुराने आईपीसी की धारा 498ए की जगह लाया गया है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर ससुराल वालों को तीन साल तक की जेल हो सकती है।

इसके अलावा, आप घरेलू हिंसा (Domestic Violence) अधिनियम के तहत भी केस फाइल कर सकती हैं। इस कानून के जरिए आप कोर्ट से मांग कर सकती हैं कि आपके छीने हुए गहने आपको वापस दिलाए जाएं और भविष्य में वे आपके साथ मारपीट न करें। यदि आपको अपना खर्च चलाने के लिए पैसों की जरूरत है, तो आप भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के तहत अपने पति से गुजारा भत्ता (Maintenance) भी मांग सकती हैं।

जहां तक बच्चों की हिरासत (Custody) का सवाल है, कानून किसी मां को जबरदस्ती बच्चे रखने के लिए मजबूर नहीं करता। अगर आप बच्चों की जिम्मेदारी नहीं उठाना चाहती हैं, तो आप कोर्ट में यह बात साफ तौर पर कह सकती हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों की कस्टडी पिता को दी जा सकती है। हालांकि, एक मां होने के नाते आप कोर्ट से केवल 'मुलाकात का अधिकार' (Visitation Rights) मांग सकती हैं, ताकि आप समय-समय पर अपने बच्चों से मिल सकें लेकिन उनकी पूरी जिम्मेदारी पिता के पास रहे।

मेरी सलाह है कि सबसे पहले आप अपने पास मौजूद सबूत जैसे कि मारपीट के बाद की कोई मेडिकल रिपोर्ट या गहनों की रसीदें इकट्ठा करें। इसके बाद किसी अच्छे वकील के जरिए पुलिस और कोर्ट में अपनी शिकायत दर्ज कराएं। स्त्रीधन (गहने) पर केवल आपका अधिकार है और कानून इसे वापस दिलाने में आपकी पूरी मदद करेगा।

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आप अपनी सास के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत 498 ए का मामला दर्ज कर सकती हैं, जिसके तहत यदि आपके पति या आपके पति के किसी रिश्तेदार ने आपके साथ क्रूरता की है तो उसे तीन साल की कैद की सजा दी जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा। आपके पास अपनी सास के खिलाफ घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के तहत घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करने का विकल्प भी है। हिरासत के संबंध में, मेरी समझ से आप अपने जुड़वा बच्चों की हिरासत के बारे में बात कर रहे हैं। उनकी हिरासत पर इस उम्मीद में बातचीत की जा सकती है कि आप तलाक की तलाश कर रहे हैं। उस मामले में आप अदालत से केवल मुलाक़ात के अधिकार के लिए कह सकते हैं और भरण-पोषण के लिए फ़ाइल करते समय अपने बच्चों की हिरासत को छोड़ सकते हैं।

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ऐसे में आपको अपने ससुराल वालों के खिलाफ घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी होगी। पुलिस स्टेशन में एक लिखित शिकायत दें कि आपने अपने ससुराल वालों से सभी यातनाओं का सामना किया है।


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