वर वधू पक्ष आदिवासी समुदाय आते विवाह ह


सवाल

वर और वधू पक्ष दोनों आदिवासी समुदाय से आते हैं इन दोनों का विवाह जो है वह हिंदू रीति रिवाज अनुसार पंडित द्वारा मंत्रोच्चारण के द्वारा संपन्न हुआ है विवाह को अभी 1 वर्ष भी पूर्ण हुआ नहीं है वधू पक्ष तलाक के लिए चाह रही हैं परंपरागत आदिवासी जाति पंचायत के द्वारा अपना कराना चाह रहे हैं कि जाति पंचायत लिखकर दे दे और मंजू जबकि वर पक्ष तलाक के लिए राजी नहीं है तो क्या जाति पंचायत द्वारा दिया गया निर्णय कोर्ट में मान्य होगा

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नमस्कार जी जैसा कि आपने बताया किया विवाह हिंदू धर्म के अनुसार हुआ है तलाक भी हिंदू मैरिज एक्ट के अनुसार ही होगा वे यह तलाक सिर्फ कोर्ट का ही मान्य होगा एक व्यक्ति के द्वारा तलाक लेने पर यह अमान्य है अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें जितेंद्र सिंह


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