मेरा नाम सचिन सांगवान पत्नी नाम प्रीत


सवाल

मेरा नाम सचिन सांगवान है मेरा पत्नी का नाम प्रीति है हमारे पेरेंट्स हमारा तलाक करवा रहे हैं मेरी पत्नी की ओर से डिमांड है मेरा पिताश्री न्यारा हो जाए अपने भाई से लेकिन वह हो नहीं रहा, मेरे पिता श्री हमारा हक भी नहीं दे रही अगर हमारा हक मिल जाए तो हम पति-पत्नी साथ में रह सकते हैं क्या करें

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माता-पिता कानूनी तौर पर जबरन तलाक नहीं करवा सकते यदि आप और आपकी पत्नी साथ रहना चाहते हैं तो फैमिली कोर्ट में धारा 9 के तहत याचिका दायर कर सकते हैं जहां मध्यस्थता के जरिए तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के बिना सुला का रास्ता निकलता है संपत्ति के हक के मामले में यदि वह पैतृक संपत्ति है तो आपका उसमें जन्मसिद्ध अधिकार है और आप सिविल कोर्ट में बंटवारा बाद यदि दायर कर अपनी कहानी हिस्सा हासिल परंतु यदि वह आपके पिता की खरीदी गई संपत्ति है तो आप उसे जीवन काल में कानूनी पर जबरन हिस्से की मांग नहीं कर सकते वर्तमान में शादी को टूटने से बचने का सबसे व्यावहारिक उपाय यह है कि आप अपनी पत्नी से बात कर संपत्ति का विवाह सुलझने तक किसी अलग आवास या किराए के बुखार में गृहस्थी शुरू कर सकते हैं और परिवार के साथ मध्यस्थता के जरिए आपसी समझौते का प्रयास करें


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