क्या पति पत्नी के 7–8 साल अलग रहने से अपने आप तलाक हो जाता है?


सवाल

मैं पिछले 8 साल से अपने पति से अलग रह रही हूँ और अब ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहती हूँ। तब से मेरे बच्चे मेरे साथ ही रह रहे हैं। मुझे कई लोगों ने बताया है कि अगर पति-पत्नी 2 साल या उससे ज़्यादा समय तक अलग रहते हैं, तो उनका अपने आप तलाक़ हो जाता है। क्या यह बात सही है? भारत में डाइवोर्स के लिए कितने साल अलग रहना पड़ता है? और क्या मेरा केस लंबे समय तक अलग रहने के आधार पर तलाक़ के लिए सही है? कृपया मुझे सही सलाह दे।

उत्तर (1)


497 votes

भारत में लंबे समय तक अलग रहने से अपने आप तलाक़ नहीं होता है। भले ही आप 2 साल, 7 साल या 10 साल से भी अलग रह रहे हों, शादी तब तक खत्म नहीं होती जब तक आप फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी (Divorce Petition) डालकर कोर्ट से डाइवोर्स डिक्री नहीं लेते।

पति पत्नी का लंबे समय तक अलग रहना और तलाक़

क़ानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि 2 साल या 8 साल अलग रहने पर शादी अपने आप ख़त्म हो जाए। शादी को ख़त्म करने का एकमात्र तरीक़ा है कोर्ट का आदेश (Court Decree)।

हालांकि, लंबे समय तक अलग रहना यानी अलगाव (Separation) तलाक का एक आधार (Ground) हो सकता है।। हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत, अगर पति-पत्नी कम से कम दो साल तक एक-दूसरे को छोड़ कर अलग रहते हैं, तो इसे 'परित्याग' (Desertion) का आधार माना जाता है, और दूसरा पक्ष इसे आधार बनाकर तलाक की अर्जी (Divorce Petition) कोर्ट में डाल सकता है। लेकिन सिर्फ़ अलग रहना अपने आप तलाक (Automatic Divorce) नहीं माना जाएगा।

अगर आप कानूनी रूप से शादी खत्म करना चाहते हैं, तो आपको तलाक (Divorce) के लिए केस फाइल करना ही होगा। तलाक एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसमें सिर्फ़ शादी खत्म करना ही नहीं, बल्कि तलाक के बाद बच्चे की देखभाल (Child Custody), जायदाद बँटवारा, भरण-पोषण (Maintenance) जैसी बातें भी तय होती हैं।


अस्वीकरण: इस पृष्ठ का अनुवाद Google Translate की मदद से किया गया है। इसमें कुछ अंश या संपूर्ण अनुवादित लेख गलत हो सकता है क्योंकि सटीकता के लिए किसी वकील द्वारा इसकी जाँच नहीं की गई है। कोई भी व्यक्ति या संस्था जो इस अनुवादित जानकारी पर निर्भर है, वह ऐसा अपने जोखिम पर करता है। LawRato.com अनुवादित जानकारी की सटीकता, विश्वसनीयता, अस्पष्टता, चूक या समयबद्धता पर निर्भरता के कारण होने वाले किसी भी नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। अपने स्वयं के कानूनी मामले के लिए किसी भी निर्णय लेने के लिए अपने वकील से जांच और पुष्टि कर सुनिश्चित करें।

अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


भारत के अनुभवी तलाक वकीलों से सलाह पाए


तलाक कानून से संबंधित अन्य प्रश्न