क्या कोई पत्नी पति को उसके माता-पिता से अलग कर सकती है जब वह अकेला बेटा हो


सवाल

मेरी शादी को एक साल हुआ है। छह महीने बाद मेरी पत्नी ने मेरे माता-पिता से छोटे-छोटे झगड़े शुरू कर दिए और अब चार महीने से वह अपने मायके में है। वह वापस आने के लिए अलग घर की शर्त रख रही है। मैं अपने माता-पिता की इकलौती संतान हूँ और उनकी उम्र साठ के करीब है, इसलिए मुझे उनकी देखभाल करनी है। बैंगलोर जैसे शहर में दो घर चलाना मेरे बजट से बाहर है और मैं अपने माता-पिता को अकेला नहीं छोड़ना चाहता। क्या पत्नी कानूनी रूप से मुझे मेरे माता-पिता से अलग रहने के लिए मजबूर कर सकती है?

उत्तर (3)


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नहीं, कानून के अनुसार पत्नी आपको आपके बुजुर्ग माता-पिता को छोड़कर अलग रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकती है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने एक बड़े फैसले में कहा है कि अगर कोई पत्नी बिना किसी ठोस कारण के पति पर उसके माता-पिता को छोड़ने का दबाव बनाती है, तो यह पति के प्रति 'क्रूरता' (Cruelty) माना जाएगा।

चूँकि आप अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं, तो उनकी देखभाल करना आपका नैतिक और कानूनी कर्तव्य है। अगर आपकी पत्नी बिना किसी गंभीर वजह (जैसे मारपीट या प्रताड़ना) के केवल अलग रहने की जिद पर मायके में बैठी है, तो आप कोर्ट में 'दांपत्य अधिकारों की बहाली' (Restitution of Conjugal Rights) का केस डाल सकते हैं। इसमें अदालत पत्नी को वापस आकर साथ रहने का निर्देश दे सकती है।

अगर वह फिर भी वापस नहीं आती और अपनी जिद पर अड़ी रहती है, तो आप 'क्रूरता' (Cruelty) और 'परित्याग' (Desertion) के आधार पर तलाक (Divorce) की अर्जी भी दे सकते हैं। अदालतों ने माना है कि पति को उसके माता-पिता से अलग करना एक ऐसा व्यवहार है जो शादी को तोड़ने का आधार बन सकता है।

आपको सबसे पहले अपनी पत्नी से बात करके उसे समझाने की कोशिश करनी चाहिए। आप उन्हें बता सकते हैं कि दो घर चलाना आपके लिए आर्थिक रूप से मुमकिन नहीं है। अगर वह नहीं मानती है, तो आप किसी अच्छे वकील के जरिए उन्हें एक कानूनी नोटिस (Legal Notice) भेजें जिसमें उन्हें सम्मान के साथ वापस घर आने का बुलावा दिया गया हो।

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इस मामले में पत्नी एक अलग घर का दावा नहीं कर सकती है, इस मामले में बेहतर है कि आप दांपत्य अधिकारों की बहाली या तलाक के लिए मामला दायर करें, अलग घर मांगना और माता-पिता से दूर रहना एक क्रूरता है जिसके आधार पर अदालत तलाक दे सकते हैं, उससे पूछना बेहतर है कि क्या वह विवाहित जीवन जीने के लिए आपके साथ जुड़ना चाहती है और यदि वह मना करती है तो कानूनी कदम उठाने के लिए बेहतर है।

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महोदय, नई गाइडलाइन के अनुसार पत्नी अलग निवास की मांग नहीं कर सकती है। यह भी देखा गया है कि पत्नी के साथ-साथ पुत्र का भी कर्तव्य होता है कि वह अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल करे। इन सबके अलावा यह नैतिक दायित्व भी है। इसलिए वह इन सबका विरोध नहीं कर सकती। आप किसी अधिवक्ता या इच्छुक व्यक्ति से संपर्क करें, हमसे संपर्क करें,


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