झूठे चेक बाउंस मामले में बचाव के लिए क्या कानूनी कदम उठाएँ
सवाल
उत्तर (2)
सुरक्षा के लिए दिए गए चेक (Security Cheque) का गलत इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। चूंकि आप कंपनी को नियमित भुगतान कर रहे हैं, इसलिए कंपनी के पास आपके चेक बैंक में लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। यह मामला पूरी तरह से धोखाधड़ी और विश्वासघात का है।
आपको इस स्थिति से निपटने के लिए निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
भुगतान के सबूत इकट्ठा करें सबसे पहले 2016 से अब तक आपने कंपनी को जो भी भुगतान किया है, उन सबकी रसीदें, बैंक स्टेटमेंट या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जानकारी जमा करें। यह साबित करेगा कि आपकी कोई कानूनी देनदारी (Legal Liability) बाकी नहीं थी जिसके लिए चेक लगाया जा सके।
कानूनी नोटिस का जवाब दें अगर आपको कंपनी की तरफ से कोई कानूनी नोटिस (Legal Notice) मिला है, तो उसका 15 दिनों के भीतर एक अनुभवी वकील के माध्यम से कड़ा जवाब दें। इसमें साफ लिखें कि चेक केवल सुरक्षा के लिए थे और आपने सारा बकाया चुका दिया है।
धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराएँ आप कंपनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे कंपनी पर दबाव बनेगा और वे अपना झूठा केस वापस लेने पर मजबूर हो सकते हैं।
अदालत में बचाव अगर मामला अदालत में पहुँच चुका है, तो आप वहां 'सुरक्षा चेक' और 'पूर्ण भुगतान' का तर्क देकर केस लड़ सकते हैं। यदि आप यह साबित कर देते हैं कि चेक देते समय कोई कर्जा बकाया नहीं था, तो चेक बाउंस की धारा 138 के तहत मामला टिक नहीं पाएगा और आप बेगुनाह साबित होंगे।
मेरी सलाह है कि आप तुरंत अपने भुगतान के सारे रिकॉर्ड संभाल लें और किसी अच्छे आपराधिक वकील से सलाह लें।
जैसा कि आपने कहा कि आप अपनी पेमेंट लगातार कर रहे हैं कंपनी को और कंपनी ने आप के सिक्योरिटी के तौर पर आपसे 3 चेक ले लिए थे शुरू में मर्डर उसके बाद भी आप उनका पेमेंट लगातार करते रहे और किसी प्रकार के मन में कोई दिक्कत नहीं करी कंपनी वालों गुरी दिखाते हुए गलत नियत से आपके चेक बाउंस करा दिया है और अब आप को धमकी देकर के ब्लैकमेल कर रहे हैं ऐसी स्थिति में आप के ऊपर जो मुकदमे किए गए हैं वह आप को झड़ने पड़ेंगे और साथ-साथ उनके ऊपर भी मुकदमा करना पड़ेगा कि उनको अपनी औकात पता लग सके और जो धोखा धड़ी वह कर रहे हैं उसकी उन्हें सजा प्राप्त हो सके
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- मैं डिंडोरी जिला मध्य प्रदेश का निवासी हूं मैंने किस्त लोन एप्लीकेशन से 80000 का लोन लिया था जिसकी 8 एमी जमा कर दी थी चार एमी जमा नहीं कर पाया लगभग 550 दिन हो गए कंपनी ने कोर्ट केस u/c 25 payment settlement act किया है जिसकी 24 अगस्त कोलकाता कोर्ट में उपस्थित होना है लगभ 32000 का बच्चा है जिसे पेनल्टी सहित 70000 का कर दिया है कुछ सालों से मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है जिस कारण मैं कोलकाता जाने में स्मार्ट हूं और वर्तमान में 70000 का पेमेंट करने में असमर्थ हूं क्या करूं समस्या का निदान करिए मुझे पता है पेमेंट तो मुझे करना ही है अभी नहीं कर पाऊंगा
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