मुझ पर चेक बाउंस का केस और पुलिस जारी कर रही गिरफ्तारी वारंट
सवाल
उत्तर (3)
प्रिय प्रश्नकर्ता आपके प्रश्न के अनुसार आपका मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट और आईपीसी की धारा 138 पर आधारित है जहां एफआईआर दर्ज की गई है। हम आपको सलाह देते हैं कि आप पहले कोर्ट से जमानत ले लें और केस लड़ें क्योंकि 138 और 420 एक बार में एफआईआर दर्ज नहीं करा सकते। हमें आपके मामले में और अधिक स्पष्टीकरण की आवश्यकता है ताकि हम बेहतर सहायता कर सकें। बेहतर सहायता के लिए कॉल करने के लिए स्वतंत्र
प्रिय महोदय, पहले आप प्राथमिकी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करें फिर एबीपी के लिए आवेदन करें। जब आप एबीपी के लिए आवेदन करते हैं तो आपको ऋण राशि की अदायगी के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा और उसके बाद मामले के निपटान की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी और यह आपको गिरफ्तारी से बचाने में भी मदद करेगी। विस्तृत सुझाव के लिए कृपया मुझसे संपर्क करें।
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चैक बाउन्स कानून से संबंधित अन्य प्रश्न
- मैं डिंडोरी जिला मध्य प्रदेश का निवासी हूं मैंने किस्त लोन एप्लीकेशन से 80000 का लोन लिया था जिसकी 8 एमी जमा कर दी थी चार एमी जमा नहीं कर पाया लगभग 550 दिन हो गए कंपनी ने कोर्ट केस u/c 25 payment settlement act किया है जिसकी 24 अगस्त कोलकाता कोर्ट में उपस्थित होना है लगभ 32000 का बच्चा है जिसे पेनल्टी सहित 70000 का कर दिया है कुछ सालों से मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है जिस कारण मैं कोलकाता जाने में स्मार्ट हूं और वर्तमान में 70000 का पेमेंट करने में असमर्थ हूं क्या करूं समस्या का निदान करिए मुझे पता है पेमेंट तो मुझे करना ही है अभी नहीं कर पाऊंगा
- मैं डिंडोरी जिला मध्य प्रदेश का निवासी हूं मैंने किस्त लोन एप्लीकेशन से 80000 का लोन लिया था जिसकी 8 एमी जमा कर दी थी चार एमी जमा नहीं कर पाया लगभग 550 दिन हो गए कंपनी ने कोर्ट केस u/c 25 payment settlement act किया है जिसकी 24 अगस्त कोलकाता कोर्ट में उपस्थित होना है लगभ 32000 का बच्चा है जिसे पेनल्टी सहित 70000 का कर दिया है कुछ सालों से मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है जिस कारण मैं कोलकाता जाने में स्मार्ट हूं और वर्तमान में 70000 का पेमेंट करने में असमर्थ हूं क्या करूं समस्या का निदान करिए मुझे पता है पेमेंट तो मुझे करना ही है अभी नहीं कर पाऊंगा
- मुझे किसी व्यक्ति ने ₹400000 उधार लिए थे जिसके बदले में उसने स्टांप पर लिखा था कि अगर यह ₹4 लाख में नहीं लौट पाया तो 5 साल के लिए मेरी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान इन्हें चलाने के लिए और उसमें जो है वह दुकान किसी और की है जो कि इन्होंने पगड़ी पर ले रखी है अब कानून में उसके लिए क्या प्रावधान है दो चेक है दो-दो लाख के
- माझ्याकडे एक इंडो फाम ट्रॅक्टर होते दोन वर्षे वापले दोन हापते भरले तीसरा हापता आला तेव्हा माझी परिस्थिती हापता भरण्याची राहिली नाही माझी टोळी लेबर पळुन गेले तेव्हा मी स्वतः साहेब वसुली वाले यांना बालावुन ट्रॅक्टर दिले श्रीराम फायनान्स कंपनी यांनी मला कोणत्याही प्रकारची नोटीस किंवा विचारणा न करता वाहन विक्री केली व राहिलेले मुद्दल साठी चेक बाऊस केले व 138 ची नोटीस बजावली आहे