लीगल नोटिस भेजने के कितने दिन बाद चेक बाउंस का केस कर सकते हैं
सवाल
उत्तर (1)
चेक बाउंस के मामले में समय सीमा (Time Limit) का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण है। कानूनी नोटिस भेजने के बाद आपको सबसे पहले 15 दिन इंतजार करना होता है। यह 15 दिन का समय 'नोटिस अवधि' (Notice Period) कहलाता है, जो दोषी व्यक्ति को पैसा चुकाने के लिए दिया जाता है।
अगर इन 15 दिनों के अंदर वह पैसे नहीं लौटाता है, तो 16वें दिन से आपके पास कोर्ट में केस करने का अधिकार आ जाता है। कानून के अनुसार, यह 15 दिन की अवधि खत्म होने के बाद अगले 30 दिनों के भीतर आपको मजिस्ट्रेट के सामने अपनी शिकायत (Complaint) दर्ज करानी अनिवार्य है।
आसान शब्दों में कहें तो, जिस दिन दोषी को नोटिस मिला, उसके बाद 15 दिन इंतजार करें और अगर पैसा न मिले तो अगले 30 दिनों के अंदर केस फाइल कर दें। यह कार्यवाही 'परक्राम्य लिखत अधिनियम' (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत की जाती है।
यदि आप धोखाधड़ी का आरोप भी लगाना चाहते हैं, तो अब भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 की जगह 'भारतीय न्याय संहिता' (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की धारा 318 के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, हालांकि चेक बाउंस में धारा 138 का केस ही सबसे प्रभावी माना जाता है।
केस फाइल करते समय आपको कुछ जरूरी दस्तावेज जैसे मूल चेक (Original Check), बैंक का रिटर्न मेमो (Return Memo), कानूनी नोटिस की कॉपी और डाक रसीद (Postal Receipt) अपने वकील को देने होंगे।
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