क्या पिता को मिल सकती है 6 साल की बेटी की कस्टडी


सवाल

मैं अपनी 6 साल की बेटी की कानूनी कस्टडी (Custody) प्राप्त करना चाहता हूँ और यह जानना चाहता हूँ कि क्या अदालत एक पिता को बेटी की जिम्मेदारी सौंप सकती है या कानूनन कस्टडी केवल माँ को ही मिलती है।

उत्तर (4)


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हाँ, एक पिता को अपनी 6 साल की बेटी की कस्टडी (Custody) मिल सकती है। हालांकि कानून में 5 से 7 साल तक के छोटे बच्चों की कस्टडी आमतौर पर माँ को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन अदालत का अंतिम फैसला केवल इस बात पर निर्भर करता है कि बच्चे का कल्याण (Welfare of the Child) कहाँ बेहतर होगा। हिंदू अल्पसंख्यक और संरक्षकता अधिनियम (Hindu Minority and Guardianship Act) के तहत, अदालत बच्चे के हितों को सर्वोपरि मानती है।

यदि आप यह साबित कर देते हैं कि माँ के पास रहने से बच्ची के भविष्य, शिक्षा या स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, तो अदालत आपको कस्टडी सौंप सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि माँ की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, वह बच्ची की देखभाल करने में असमर्थ है, या उसका आचरण बच्ची के विकास के लिए असुरक्षित है, तो पिता का पक्ष मजबूत हो जाता है। पिता को यह दिखाना होगा कि उसके पास बच्ची की परवरिश के लिए बेहतर वित्तीय और पारिवारिक साधन मौजूद हैं।

कानूनी तौर पर आपको संरक्षक और प्रतिपाल्य अधिनियम (Guardians and Wards Act) के तहत परिवार न्यायालय (Family Court) में कस्टडी के लिए याचिका दायर करनी होगी। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अक्सर बच्ची से भी बात करते हैं ताकि उसकी इच्छा और सुख-सुविधा को समझा जा सके। यदि पूर्ण कस्टडी (Sole Custody) नहीं मिलती है, तो भी पिता 'मुलाकात के अधिकार' (Visitation Rights) की मांग कर सकता है, जिससे वह नियमित रूप से अपनी बेटी से मिल सके और उसके जीवन में शामिल रहे।

अदालत यह भी देखती है कि बच्ची के लिए एक स्थिर वातावरण (Stable Environment) कहाँ उपलब्ध है। यदि माँ ने दूसरी शादी कर ली है और वहाँ बच्ची सुरक्षित महसूस नहीं करती है, तो ऐसे विशेष हालातों में भी पिता को कस्टडी मिलने की संभावना बढ़ जाती है। भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) और नागरिक कानूनों के तहत, बच्चे के सर्वोत्तम हितों को किसी भी व्यक्तिगत अधिकार से ऊपर रखा जाता है।

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अभिभावक और वार्ड अधिनियम के अनुसार प्रिय, 7 वर्ष तक माँ को बच्चे का प्राकृतिक संरक्षक माना जाता है, उसके बाद यदि बच्चा पुरुष है तो पिता के लिए उसकी हिरासत प्राप्त करना आसान होता है, लेकिन महिला बच्चे के मामले में आम तौर पर हिरासत में जाती है माँ, लेकिन अगर माँ किसी कारण से बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ है या माँ चरित्रहीन है, तभी पिता को कस्टडी मिल सकती है।

53 votes

हाँ क्यों नहीं, बच्चे की कस्टडी पर विचार करते समय बच्चे का कल्याण सर्वोपरि होगा। आप निवास स्थान के अनुसार सक्षम न्यायालय के माननीय न्यायालय में जा सकते हैं

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नमस्ते आम तौर पर माँ कानून के तहत 5 वर्ष की आयु तक बच्चे की प्राकृतिक संरक्षक होती है। कानून में कोई रोक नहीं है जो लिंग के बावजूद बच्चे की कानूनी हिरासत सौंपने से रोकता है। आप यह बताकर कस्टडी का दावा कर सकते हैं कि अगर कस्टडी आपको दी जाती है तो बच्चे को कैसे फायदा हो सकता है। ऐसे मामलों में कानून का सर्वोपरि हित माता-पिता की सामाजिक, नैतिक और वित्तीय पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए बच्चे के भविष्य की संभावनाएं हैं।


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