स्वर्गीय पिता संपत्ति बेटी बेटे पोते


सवाल

स्वर्गीय पिता की संपत्ति को बेटी ने अपने बेटे और पोते को गवाह बनाकर धोखाधड़ी से अपनी वृद्धा मां व कान से विकलांग भाई से अपने नाम गिफ्ट डीड करवा ली न्यायालय इस गिफ्ट को कितने समय में अपना फैसला देगा, क्या बेटे और पोते को गवाह बनाया जा सकता है या गिफ्ट डीड में डोनर का मोबाइल नंबर ना लगाकर डोनी के बेटे का नंबर लगाना न्यायालय किस पक्ष में देखेगा

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भारत में (या अधिकांश न्यायालय क्षेत्रों में) गिफ्ट डीड से संबंधित दीवानी मामलों के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं होती है। हालांकि, सामान्य रूप से अपेक्षित समय यह हो सकता है:

संपत्ति और धोखाधड़ी से जुड़े दीवानी मुकदमे आमतौर पर 2 से 5 साल तक चल सकते हैं, यह केस की जटिलता, साक्ष्य, न्यायालय का कार्यभार, और अपीलें दायर होने पर निर्भर करता है।

यदि धोखाधड़ी का स्पष्ट प्रमाण हो, तो मामला तेजी से निपटाया जा सकता है, विशेषकर संक्षिप्त कार्यवाही या अंतरिम राहत (जैसे स्थगन आदेश) के ज़रिए।


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