पड़ोसी द्वारा घर की दीवार के पास गड्ढा खोदने और पानी भरने पर कानूनी कार्यवाही कैसे करें


सवाल

मेरे पड़ोसी ने मेरे मकान की दीवार से सटाकर एक गड्ढा खोद दिया है और उसमें पानी भर रहा है जिससे पानी मेरी दीवार के अंदर जा रहा है और मकान गिरने का खतरा पैदा हो गया है मना करने पर पड़ोसी विवाद करता है और कहता है कि वह अपनी जमीन पर कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र है तो ऐसी स्थिति में मैं अपने मकान को सुरक्षित रखने और पड़ोसी को यह नुकसान रोकने के लिए क्या कानूनी रास्ता अपना सकता हूँ।

उत्तर (2)


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हाँ, आप अपने पड़ोसी की इस हरकत के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं क्योंकि किसी भी व्यक्ति को अपनी संपत्ति का इस तरह उपयोग करने का अधिकार नहीं है जिससे दूसरे की संपत्ति को नुकसान पहुँचे। कानूनन इसे 'निजी उपद्रव' (Private Nuisance) माना जाता है। चूंकि पड़ोसी की इस हरकत से आपके मकान की नींव कमजोर हो रही है और दीवार गिरने का खतरा है, इसलिए आप तुरंत कानूनी सुरक्षा के हकदार हैं।

सबसे पहले आपको अपने क्षेत्र के उप-जिला मजिस्ट्रेट (Sub-Divisional Magistrate - SDM) के पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita - BNSS) की धारा 152 (जो पहले CrPC की धारा 133 थी) के तहत एक आवेदन देना चाहिए। यह धारा सार्वजनिक या निजी स्थान पर ऐसे किसी भी खतरे या बाधा को हटाने का आदेश देने की शक्ति देती है जिससे किसी व्यक्ति की संपत्ति या जीवन को तत्काल खतरा हो। मजिस्ट्रेट पुलिस को मौके पर भेजकर गड्ढे को भरवाने और पानी का रिसाव रोकने का आदेश दे सकते हैं।

इसके साथ ही आपको सिविल कोर्ट (Civil Court) में 'स्थायी निषेधाज्ञा' (Permanent Injunction) के लिए एक मुकदमा दायर करना चाहिए। इसमें आप अदालत से यह मांग कर सकते हैं कि पड़ोसी को आपकी दीवार के पास गड्ढा खोदने या पानी चलाने से हमेशा के लिए रोका जाए। यदि नुकसान हो चुका है, तो आप उससे हर्जाने (Damages) की मांग भी कर सकते हैं। मुकदमे के दौरान आप 'अस्थायी निषेधाज्ञा' (Temporary Injunction) का आवेदन देकर तत्काल प्रभाव से काम रुकवाने का आदेश (Stay Order) भी प्राप्त कर सकते हैं।

यदि आप शहर में रहते हैं, तो स्थानीय नगर निगम (Municipal Corporation) या विकास प्राधिकरण (Development Authority) के पास जाकर भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन की शिकायत करें। नियमों के अनुसार, निर्माण के दौरान दो मकानों के बीच एक निश्चित दूरी या सुरक्षा उपाय करना अनिवार्य होता है। अगर पड़ोसी जानबूझकर आपकी दीवार को नुकसान पहुँचा रहा है, तो आप भारतीय न्याय संहिता की धारा 324 (जो पहले IPC की धारा 427 थी) के तहत शरारत और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने (Mischief causing damage) के लिए पुलिस में एफआईआर (FIR) भी दर्ज करा सकते हैं।

138 votes

आप को शहर मैं रहते हैं। क्या आपने कहीं शिकायत किया है और कोई कार्रवाई हुआ आप नगर निगम के अंडर है या फादर पंचायत मैं आते है कृषि भूमि है आवासीय है वाणिज्यिक है मुझे आप डिटेल में मैं आपकी मदद कर सकता हूं


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