बहू द्वारा सास ससुर और पति पर झूठी शिकायत करने पर क्या कार्रवाई करें


सवाल

मेरी बहू ने पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की जिसमें सास, ससुर और पति तीनों का नाम था, लेकिन बाद में स्थानीय थाने में दी गई लिखित शिकायत में केवल ससुर और पति का ही नाम लिखा। पुलिस ने इसी विरोधाभास वाली शिकायत पर चार्जशीट दाखिल कर दी है। दोनों शिकायतों के बीच का अंतर यह साबित करता है कि मामला पूरी तरह झूठा है। क्या मेरी सास अब बहू के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज करवा सकती हैं और इस धोखाधड़ी के लिए बहू पर कानून की कौन सी धाराएं लगाई जा सकती हैं?

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हाँ, यदि बहू ने जानबूझकर पुलिस को गलत जानकारी दी है और परिवार को परेशान करने के लिए झूठे आरोप लगाए हैं, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कानून किसी भी व्यक्ति को झूठी शिकायत के जरिए दूसरों को प्रताड़ित करने की अनुमति नहीं देता है।

चूँकि पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) और स्थानीय पुलिस के पास दी गई शिकायतों में बड़ा अंतर है, तो यह विरोधाभास (Contradiction) आपके केस के लिए एक मजबूत आधार है। सास अपनी बहू के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती हैं। यदि सास की उम्र 60 वर्ष से अधिक है, तो वे वरिष्ठ नागरिक सेल (Senior Citizen Cell) में भी अपनी शिकायत दे सकती हैं। इसके अलावा, भारतीय न्याय संहिता के तहत झूठी सूचना देने और लोक सेवक को गुमराह करने के लिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

बहू के खिलाफ मुख्य रूप से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है जो झूठे साक्ष्य (False Evidence) देने, मानहानि (Defamation) करने और किसी व्यक्ति को चोट पहुँचाने के इरादे से झूठी कानूनी कार्यवाही शुरू करने से संबंधित हैं। यदि यह साबित हो जाता है कि शिकायत केवल ससुर और पति को फँसाने के लिए रची गई थी, तो पुलिस या अदालत के माध्यम से उन पर कार्रवाई संभव है।

ससुर और पति को भी चाहिए कि वे इस विरोधाभास को अदालत के सामने रखें। चार्जशीट (Charge Sheet) दाखिल होने के बाद, आप उच्च न्यायालय (High Court) में इस मामले को रद्द (Quash) करवाने के लिए याचिका दायर कर सकते हैं। अदालत में यह दिखाया जा सकता है कि बयानों में बदलाव यह साबित करता है कि कोई अपराध हुआ ही नहीं था।

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सबसे पहले, सास को तथ्यों के आधार पर पुलिस शिकायत दर्ज करनी होती है। यदि वह वरिष्ठ नागरिक है तो वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ में भी शिकायत दर्ज करा सकती है। ससुर और पति भी तथ्यों के आधार पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


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