फोन चोरी करने वाला चोर गिरफ्तार लेकिन अब कोर्ट से फोन कैसे लिया जाए
सवाल
उत्तर (2)
अदालत में जमा अपना मोबाइल फोन वापस पाने के लिए आपको सुपुर्दगी (Superdari) की कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा। चूंकि आपका फोन अब अदालती संपत्ति के रूप में रिकॉर्ड पर है, इसलिए इसे केवल मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही पुलिस स्टेशन से प्राप्त किया जा सकता है।
आपको सबसे पहले संबंधित मजिस्ट्रेट की अदालत में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 514 के तहत एक आवेदन देना होगा (पुराने कानून में यह धारा 451 CrPC थी)। इस आवेदन के साथ आपको अपने मोबाइल का असली बिल और अपनी पहचान का प्रमाण संलग्न करना होगा। यदि आपके पास फोन का डिब्बा या आईएमईआई (IMEI) नंबर की जानकारी है, तो उसे भी आवेदन में जरूर लिखें।
आपके आवेदन पर सुनवाई करते हुए अदालत पुलिस से फोन की स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगेगी। जज साहब यह सुनिश्चित करेंगे कि फोन वास्तव में आपका ही है। इसके बाद अदालत आपसे एक 'इंडेमनिटी बॉन्ड' (Indemnity Bond) या मुचलका भरने को कहेगी। यह एक तरह का वचन होता है कि आप फोन को सुरक्षित रखेंगे, उसका रूप नहीं बदलेंगे और जरूरत पड़ने पर उसे गवाही के दौरान कोर्ट में पेश करेंगे।
एक बार जब अदालत रिहाई का आदेश (Release Order) जारी कर देती है, तो आपको उस आदेश की कॉपी लेकर संबंधित पुलिस स्टेशन या मालखाने में जाना होगा। वहां की कागजी कार्रवाई और रसीद पर हस्ताक्षर करने के बाद पुलिस आपको आपका मोबाइल फोन सौंप देगी। इस पूरी प्रक्रिया में किसी वकील की मदद लेना बेहतर रहता है ताकि आपके दस्तावेज जल्दी सत्यापित हो सकें।
नमस्कार, आपके फ़ोन को पुनर्प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया यह होगी कि अब आपको मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष CRPC की 451 की संपत्ति के रिटर्न के लिए एक आवेदन दाखिल करना होगा जिसके तहत पुलिस स्टेशन को सूचित किया गया है. आपको फोन के बिल जैसे आवश्यक दस्तावेजों को प्रस्तुत करना होगा.मजिस्ट्रेट आपको मोबाइल फोन वापस करने का निर्देश देने वाला एक आदेश पारित करेगा और आपको आदेश पत्र पुलिस स्टेशन को दिखानी होगी और यह करने पर कि वे आपका फोन आपको वापस कर देंगे.
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