पुलिस के बजाय आरोपी का कोर्ट में समर्पण


सवाल

यदि धोखाधड़ी/जालसाजी/प्रतिरूपण मामले में आरोपी नोटिस के अनुसार जांच अधिकारी को रिपोर्ट करने के बजाय अदालत में आत्मसमर्पण करता है, तो क्या इसका मतलब अपराध स्वीकार करना है? नोटिस के अनुसार पुलिस को रिपोर्ट करने के बजाय आरोपी अदालत में आत्मसमर्पण क्यों करता है? अभियुक्त द्वारा अदालत में आत्मसमर्पण करने से मामले में चीजों की योजना कैसे बदल जाती है? मैं अदालत से आरोपी का बयान/विवरण कैसे प्राप्त कर सकता हूं?

उत्तर (2)


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प्रिय महोदय, यदि अभियुक्त न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करता है तो उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। तब आईओ आगे की जांच के लिए अभियुक्त को पुलिस हिरासत में सौंपने के लिए आवेदन दायर कर सकता है। लिहाजा पुलिस अभिरक्षा में ही उसका बयान पुलिस द्वारा दर्ज किया जाएगा। इस प्रकार, चार्जशीट के साथ इस तरह का बयान न्यायालय के समक्ष दायर किया जाएगा।


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