क्या नाबालिग लड़के को गंभीर मारपीट के मामले में सजा मिल सकती है


सवाल

एक सत्रह साल के लड़के ने लोहे के पंच पहनकर मेरे सिर पर हमला किया, जिससे मुझे आठ-दस टांके आए हैं। अपनी जान बचाने के लिए मैंने भी उसे मुक्का मारा जिससे मेरे हाथ में भी चोट आई। वह अभी नाबालिग है, तो क्या उसे अदालत से सजा मिलेगी और उसके खिलाफ क्या कानूनी कार्यवाही होगी?

उत्तर (4)


341 votes

हाँ, उस लड़के के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी और उसे सजा भी मिल सकती है। चूंकि आपके सिर पर गंभीर चोट आई है और हमले में लोहे के पंच (Weapon) का इस्तेमाल हुआ है, इसलिए यह मामला काफी गंभीर है। कानून के अनुसार, भले ही हमला करने वाला नाबालिग (Minor) हो, लेकिन 16 से 18 साल की उम्र के किशोरों द्वारा किए गए जघन्य अपराधों के मामले में अब कड़े नियम लागू होते हैं।

आपको तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर BNS की उन धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करानी चाहिए जो 'गंभीर चोट पहुँचाने' से संबंधित हैं। चूंकि उसकी उम्र 17 साल है, इसलिए मामला किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के पास जाएगा। बोर्ड इस बात की जांच करेगा कि क्या लड़के ने यह हमला पूरी समझदारी और योजना के साथ किया था। यदि अपराध को बहुत गंभीर माना जाता है, तो उसे सुधार गृह (Special Home) भेजा जा सकता है।

जहाँ तक आपके द्वारा उसे मुक्का मारने की बात है, तो कानून आपको निजी रक्षा का अधिकार (Right of Private Defense) देता है। यदि आपने अपनी जान बचाने या खुद को और चोट लगने से रोकने के लिए उस पर वार किया है, तो उसे अपराध नहीं माना जाएगा। आपको अपने इलाज के सभी कागज़ात और टांकों की मेडिकल रिपोर्ट (MLC) पुलिस को देनी चाहिए, क्योंकि यही उस लड़के के खिलाफ सबसे बड़ा सबूत (Evidence) होगा।

मेरी सलाह है कि आप एफआईआर दर्ज कराने में अब और देरी न करें। देरी होने पर आरोपी पक्ष को इसका फायदा मिल सकता है। यदि पुलिस एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी करे, तो आप अपने क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत दे सकते हैं या वकील के जरिए सीधे अदालत (Court) का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

90 votes

आपको लड़के के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करानी चाहिए थी। यदि आप वास्तव में उस पर मुकदमा चलाना चाहते हैं, तो प्राथमिकी के मुख्य भाग में प्राथमिकी दर्ज करने में देरी की व्याख्या करते हुए उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करें। उसकी उम्र के बारे में अभी खुलासा न करें और अदालत को आरोपी के आवेदन पर फैसला करने दें कि वह किशोर है या नहीं :)

331 votes

उसके खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कराएं। वे उसके खिलाफ मामला दर्ज करेंगे, डॉक्टर से आपकी जांच कराएंगे। तत्पश्चात यदि पुलिस को लगता है कि अपराध गैर-जमानती है तो वे उसे गिरफ्तार कर जुविलाइन बोर्ड को भेज देंगे और यदि अपराध जमानती हैं तो वे उसे बांड पर रिहा कर देंगे। लेकिन आपके कथन से ऐसा लगता है कि अपराध गैर जमानती हैं ...

147 votes

पहले तुम लड़के के खिलाफ एफआईआर कराओ। दोषी पाए जाने पर कोर्ट से सजा मिलेगी। अगर आप प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी करेंगे तो आपका मामला कमजोर हो सकता है। चूंकि वह नाबालिग है, इसलिए जुवेनाइल कोर्ट इस मामले को आगे बढ़ाएगी।


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अनुवादित किया गया मूल उत्तर यहां पढ़ा जा सकता है।


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