दूसरे की सहमति के बिना कॉल रिकॉर्डिंग कानून में अपराध है


सवाल

क्या दूसरे पक्ष की सहमति के बिना कॉल रिकॉर्डिंग पर बातचीत करना अपराध है?

उत्तर (2)


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हाँ यह एक अपराध है यदि आप उस कॉल रिकॉर्डिंग का उपयोग किसी को किसी भी कारण से ब्लैकमेल करने के लिए करते हैं क्योंकि यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन करता है। लेकिन सबूत के तौर पर टेलीफोन पर बातचीत रिकॉर्ड करना कोई अपराध नहीं है। 1885 के टेलीग्राफिक अधिनियम के अनुसार यह बताता है कि राज्य को टेलीफोन वार्तालाप रिकॉर्ड करने का अधिकार है। यदि कोई टेलीफोन वार्तालाप रिकॉर्डिंग से व्यथित है, तो 1885 के टेलीग्राफिक अधिनियम की धारा 26 (बी) के अनुसार मुकदमा दायर कर सकता है।


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