क्या मेडिकल रिपोर्ट के बिना धारा 308 में चार्जशीट दाखिल हो सकती है और जमानत की क्या प्रक्रिया है


सवाल

 आईपीसी 308 में थाना अध्यक्ष को कितने दिन में मेडिकल रिपोर्ट हॉस्पिटल से लेनी होती ज… एन बीना मेडिकल रिपोर्ट के प्रतिभा को पेश करके और चलन करके... उसी दिन हाय कोर्ट से जमात मिल सकती है क्या। ... प्लीज मी एन माय फैमिली बहुत प्रेशन ज... पुलिस हमारा साथ नहीं दे रही ज... सभी पैसे ले चुके ज दसरी पार्टी 

उत्तर (5)


152 votes

नहीं, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई प्रक्रियाओं और पुराने कानूनों के अनुसार, पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट (Medical Report) जल्द से जल्द हासिल करनी चाहिए, लेकिन इसके लिए कोई सख्त समय सीमा तय नहीं है। हालांकि, धारा 308 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) जैसे गंभीर मामले में मेडिकल रिपोर्ट सबसे मुख्य सबूत होता है। इसके बिना पुलिस द्वारा चार्जशीट (Chargesheet) या चालान पेश करना कानूनी रूप से कमजोर माना जाता है क्योंकि चोट की गंभीरता ही इस धारा का आधार होती है।

जहाँ तक जमानत (Bail) का सवाल है, तो हाईकोर्ट से उसी दिन जमानत मिलना मुश्किल होता है। प्रक्रिया के अनुसार, पहले आपको सत्र न्यायालय (Sessions Court) में जमानत के लिए आवेदन करना होगा। यदि वहां से अर्जी खारिज होती है, तभी आप उच्च न्यायालय (High Court) जा सकते हैं। हाईकोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए पुलिस से केस डायरी (Case Diary) मंगवाई जाती है, जिसमें आमतौर पर कुछ दिनों का समय लगता है।

यदि आपको लगता है कि पुलिस दूसरे पक्ष से मिली हुई है और ठीक से जांच नहीं कर रही है, तो आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

  1. वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत: आप जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) या डीसीपी को लिखित शिकायत दें कि जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है।

  2. निगरानी याचिका (Monitoring Application): आप संबंधित मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी लगा सकते हैं कि वे पुलिस की जांच की निगरानी (Monitor) करें ताकि मेडिकल रिपोर्ट या अन्य सबूतों के साथ छेड़छाड़ न हो।

  3. अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail): यदि आपकी गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है, तो आप तुरंत अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करें ताकि पुलिस आपको जेल न भेज सके।

पुलिस का काम केवल चालान पेश करना है, लेकिन आपको दोषी साबित करना या छोड़ना अदालत का काम है। यदि मेडिकल रिपोर्ट में चोटें गंभीर नहीं हैं, तो आपके वकील इस आधार पर धारा 308 को हटाने या जमानत दिलाने की मजबूत बहस कर सकते हैं।

151 votes

वो मेडिकल रिपोर्ट तूरंत ले सकता है। विवरण अधूरा है पर फिर भी जमानत हो जाएगी अत्याचारी। संबंधित अदालत में जमानत याचिका दायर करें और विभिन्न आधारों का उल्लेख करें कि आपके खिलाफ मामला क्यों नहीं बनता है। कृपया उस राज्य / जिले का उल्लेख करें जिसमें मामला चल रहा है।

136 votes

308 आईपीसी के केस में मेडिकल रिपोर्ट पुलिस द्वारा जाने की कोई लिमिट पीरियड नहीं है। या बीना मेडिकल पुलिस आरोपी काका चालान नहीं कर सकती। या 308 आईपीसी में उसी दिन जमानत नहीं मिल सकती क्योंकि सत्र हा या निचली अदालत द्वारा जमानत नहीं दे सकती।

52 votes

हेलो.. अगर पुलिस आपको परेशान कर रही है तो तुरंत माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष उस प्राथमिकी को संलग्न करने के लिए एक रिट दायर करें और सभी तथ्यों को समझाएं कि आप अपने पक्ष में क्या कहना चाहते हैं। अगर कुछ वास्तविक है तो आपको तत्काल प्रभाव से राहत मिलेगी। यदि डॉक्टर द्वारा मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई है तो पुलिस उस रिपोर्ट पर किसी भी समय ले सकती है और इसे उनकी केस डायरी का हिस्सा बना सकती है। अधिक जानकारी के लिए मुझसे संपर्क करें। thnx

98 votes

90 दिन, हां संभव हो सकता है, पुलिस को साथ देना ही होगा और हाई कोर्ट से दिशा लेने पर जमानत मिल सकती है फिर भी शर्त पर निर्भर करेगा फाइल देखने पर पता चल जाएगा फिर भी जमानत मिल सकती है चिंता मत करो


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